Kanwad Yatra 2024: कब से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, इस दिन किया जाएगा भगवान शिव का जलाभिषेक
कांवड़ यात्रा के दौरान कावड़िए कलश में गंगाजल भरते हैं और उसे कांवड़ पर बांध कर कंधों पर लटका कर अपने-अपने इलाके के शिवालय में लाते हैं और शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करते हैं। भगवान परशुराम ने सबसे पहले कांवड़ यात्रा की शुरुआत की थी। तभी से कांवड़ यात्रा की परंपरा चली आ रही है।
