Ketu Mahadasha: केतु की महादशा 7 साल की होती है, जानिए इसका प्रभाव और उपाय
Ketu Mahadasha: वैदिक ज्योतिष में 6 नक्षत्रों में पैदा हुए व्यक्ति को गंडमूल नक्षत्र का माना गया है। इनमें तीन नक्षत्र यथा अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्र केतु के आधिपत्य के नक्षत्र हैं। इन नक्षत्रों को जातक के लिए नहीं बल्कि माता-पिता के लिए कष्टदायक बताया गया है।
