Kundali: कुंडली में शुक्र वक्री होने का क्या अर्थ है?
नई दिल्ली, 15 सितंबर। ग्रहों में शुक्र को भोग-विलास, भौतिक सुख सुविधाएं, प्रेम, सौंदर्य, आकर्षण, यौन संतुष्टि आदि का अधिपति कहा गया है। जन्मकुंडली में शुक्र मजबूत हो तो जातक इन सभी क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियां प्राप्त करता है किंतु यदि
