Lucky Signs in Foot : सिर्फ हाथों की लकीरों में नहीं होती तकदीर, पैर भी बताते हैं आपका भाग्य
कहा जाता है कि इंसान के हाथों की लकीरों में उसकी तकदीर छिपी होती है. इन लकीरों को पढ़कर कोई भी ज्योतिष विशेषज्ञ आपके बीते हुए कल से लेकर भविष्य तक की सारी जानकारी दे सकता है. लेकिन हस्तरेखा शास्त्र और समुद्र शास्त्र (Samudra Shastra) में पैर के तलवे में मौजूद लकीरों और चिन्हों के भी मायने बताए गए हैं. हस्तरेखा विज्ञान और समुद्र शास्त्र में कई जगह भगवान विष्णु के पगतल में मौजूद रेखाओं और चिन्हों का जिक्र करते हुए इन्हें काफी शुभ बताया गया है. ये चिन्ह अगर किसी व्यक्ति के पैरों में मौजूद हों, तो वो बहुत भाग्यशाली माना जाता है.
जानिए पैरों में मौजूद शुभ चिन्ह और लकीरें
– यदि किसी के पैरों में त्रिशूल बना हो, तो उसे बहुत ही भाग्यवान माना जाता है. त्रिशूल शिव का अस्त्र है. माना जाता है कि ऐसे लोग सरकारी क्षेत्र में अथवा सरकार से जुड़े किसी क्षेत्र में बड़े अधिकारी होते हैं. वे जहां भी रहते हैं पूरे रौब के साथ जीते हैं और जीवन के सारे सुख प्राप्त करते हैं.
– यदि पैर के तलवे के बीच से कोई रेखा मध्यमा उंगली तक जाती दिखाई दे तो ऐसे लोगों का जीवन बहुत सुखपूर्वक व्य तीत होता है. इन्हें सब कुछ बहुत आसानी से प्राप्त हो जाता है.
– पैरों के तलवे की एड़ी के बीच से किनारे की ओर अर्धचन्द्राकर रेखा हो तो ऐसा व्यक्ति स्वभाव से संत के समान होता है. उसके पास अगर धन, मान प्रतिष्ठा है, तो भी वो वैरागी की तरह ही उनमें लिप्त नहीं होता. ये लोग ईश्वर में बहुत विश्वास रखने वाले होते हैं.
– तलवे में स्वास्तिक, ध्वज जैसा निशान होना व्यक्ति को राजा जैसा जीवन देता है. ऐसे लोग महापुरुष और परोपकारी होते हैं. धर्म कर्म के प्रति इनका रुझान होता है. ये जीवन में कई बार सिद्ध पुरुष भी बन जाते हैं.
– एड़ी से थोड़ा ऊपर अंग्रेजी के T जैसी अकृति नजर आती है तो समझिए कि आप बहुत बड़े बिजनेसमैन बन सकते हैं. अगर आप बिजनेस की शुरुआत करें, तो आपके पास सफलता आने से कोई रोक नहीं सकता. ऐसे लोग खूब धन और मान-सम्मान अर्जित करते हैं.
– तलवे के बीच में गोल आकृति बन रही हो तो इसे अक्षय धन रेखा कहते हैं. लेकिन इन लोगों को धन कमाने के लिए खूब मेहनत करनी पड़ती है. इन्हें बिना परिश्रम किए हुए कुछ भी हासिल नहीं होता है. लेकिन परिश्रम का फल जरूर मिलता है. ऐसे में कहा जा सकता है, कि ये लोग परिश्रम करके अपने भाग्य का निर्माण खुद ही कर सकते हैं.
