Makar Sankranti 2022: भगवान सूर्य को उनकी पत्नी ने दिया था श्राप? जानें मकर संक्रांति से जुड़ी पौराणिक कथा
Makar Sankranti 2022: शनि देव अपने पिता का तिलों से स्वागत करते है। इससे भगवान सूर्य काफी प्रसन्न होते हैं।
Makar Sankranti 2022: शनि देव अपने पिता का तिलों से स्वागत करते है। इससे भगवान सूर्य काफी प्रसन्न होते हैं।
सूरत में स्थित महादेव के मंदिर में कई सालों से जीवित केकड़ों को चढ़ानें की प्रथा चली आ रही है. इसके साथ-साथ परिवार के मृतक लोगों की मनपसंदीदा चीज भी यहां अर्पित की जाती हैं. आइए जानते हैं भगवान भोलेनाथ के इस प्रसिद्धि मंदिर के बारे में.
मथुरा के नन्दगांव में आठ सितंबर को जन्मोत्सव मनाया जाएगा। नन्दगांव में खुर गिनती से कान्हा का जन्मोत्सव मनता है। नन्दबाबा रक्षा बंधन से आठ दिन बाद कान्हा का जन्मोत्सव मनाते थे।
लाल किताब में सभी 9 ग्रहों को मजबूत करने के उपाय बताए गए हैं. ऐसे में जिन लोगों की कुंडली में ग्रह अशुभ फल देते हैं उन्हे शुभ बनाने के लिए लाल किताब में बताए गए उपायों का अपनाकर जीवन में सुख-समृद्धि ला सकते हैं.
ये राम का देश है. यहां कण कण में राम (Ram) हैं. भाव की हर हिलोर में राम हैं. कर्म के हर छोर में राम हैं. राम यत्र-तत्र हैं. राम सर्वत्र हैं. जिसमें रम गए वही राम है. यहां सबके अपने-अपने राम हैं. गांधी (Gandhi) के राम अलग हैं. लोहिया के राम अलग. वाल्मीकि और…
Vaastu tips: कनेर का पौधा घर में हो तो मां लक्ष्मी हमेशा मेहरबान रहती हैं। ऐसे घर में हमेशा धन-समृद्धि रहती है ।
Mahakal Sawari: अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ पर शिवतांडव, नंदी पर उमा महेश, डोल रथ पर होलकर तथा सप्तधान मुखारविंद में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। सात किलो मीटर लंबे सवारी मार्ग पर ड्रोन से पुष्प वर्षा की जाएगी। करीब 100 स्वागत मंचों से पालकी का स्वागत होगा।