Narsimha Jayanti 2023: नरसिंह जयंती आज, जानिए पूजा विधि और पर्व का महत्व
मान्यता है कि भगवान नरसिंह की विधि-विधानपूर्वक उपासना करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और मनुष्य के तमाम दुख-कष्ट दूर होते हैं।
मान्यता है कि भगवान नरसिंह की विधि-विधानपूर्वक उपासना करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और मनुष्य के तमाम दुख-कष्ट दूर होते हैं।
आज का दिन कुछ राशियों के लिए शुभ रहेगा, वहीं कुछ राशियों को पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मौसम के बदलाव के बीच, सभी राशियों के जातकों को अलग-अलग अनुभव हो सकते हैं।
शनि ग्रह 23 अक्टूबर 2022 को मकर राशि में मार्गी हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव की स्थिति में परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है और इस अवधि के दौरान शनि सभी राशियों के जातकों के जीवन समेत दुनियाभर में कई तरह के बदलाव लेकर आएंगे। इसके अलावा शनि मार्गी होकर महापुरुष राजयोग…
शादीशुदा लोगों का दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। आपके साथी का सहयोग आपको आशीर्वाद देगा। प्रेम जीवन में भी आज अच्छे नतीजे मिलेंगे।
मौना पंचमी सावन के कृष्ण पक्ष की पंचमी को कहा जाता है। भगवान शंकर की आराधना कर इस दिन मौन व्रत रखा जाता है।
श्री गणेश जी की आरतीजय गणेश जय गणेश जय गणेश देवामाता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ जय …एक दंत दयावंत चार भुजा धारी।माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी ॥ जय …अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥ जय …पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा।लड्डुअन का भोग लगे…
रावण वेद ज्ञाता था. खासकर सामवेद में वह पारंगत था. इसके अलावा वास्तुशास्त्र, ज्योतिष शास्त्र, संगीत शास्त्र और आयुर्वेद शास्त्र का वह ज्ञानी था. वह कविता और श्लोक भी लिखता था.