Navratri 2023: आज किस भोग को चढ़ाने से बरसेगा मां ब्रह्मचारिणी का आशीर्वाद, जानें महाउपाय

आज नवरात्रि की पूजा का दूसरा दिन है. यह दिन देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित है. आज के दिन तप, ज्ञान और वैराग्य की देवी मानी जाने वाली माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करने का बहुत ज्यादा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है. मान्यता है कि माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से साधक के सभी रोग, शोक और कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे जीवन के हर क्षेत्र में मनचाही सफलता प्राप्त होती है. माता ब्रह्मचारिणी की कृपा से वह अपने जीवन की हर जंग में विजयी होकर निकलता है. आइए नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की कृपा बरसाने वाला पूजा का महाउपाय जानते हैं.

देवी पूजा में प्रसाद का क्या है महत्व

हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा में प्रसाद का बहुत ज्यादा धार्मिक-आध्यात्मिक महत्व है. सनातन परंपरा में जब कोई साधक अपने आराध्य की पूजा में फल-मिठाई और पकवान आदि को चढ़ाकर उनकी पूजा को पूरा करता है तो उसके बाद उस भोग को उस आराध्य का प्रसाद मानकर सभी में बांटा जाता है. मान्यता है कि उस प्रसाद में उस आराध्य देवी-देवता का आशीर्वाद समाहित होता है.

मां ब्रह्मचारिणी को किस चीज का लगाएं भोग

शक्ति के दूसरे स्वरूप यानि माता ब्रह्मचारिणी की पूजा में भी प्रसाद का बहुत ज्यादा महत्व है. मान्यता है कि जो व्यक्ति चैत्र मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि पर देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा में उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाकर उसे लोगों में बांटकर स्वयं ग्रहण करता है, उस पर माता की असीम कृपा बरसती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पलक झपकते पूरी हो जाती हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी को केसर की खीर या केसर से बना हलवा विशेष रूप से चढ़ाया जाता है. मान्यता है कि ये दोनों ही खाने की चीजें माता ब्रह्मचारिणी को बहुत ज्यादा प्रिय हैं. ऐसे में आज अपने जप-तप और व्रत का शीघ्र ही पूर्ण फल पाने के लिए देवी ब्रह्मचारिणी को केसर की खीर या हलवा जरूर चढ़ाएं और उसे अधिक से अधिक लोगों में बांटें. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के इस उपाय को करने से साधक को जीवन के सभी सुख प्राप्त होते हैं.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारितहैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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