Nirjala Ekadashi 2022: 10 जून को है निर्जला एकादशी, जानिए क्यों कहते हैं इसे भीमसेनी एकादशी?
हिंदू धर्म के अनुसार वर्ष भर में पड़ने वाली एकादशी तिथियों में से निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन व अत्यंत फलदायक माना जाता है।
हिंदू धर्म के अनुसार वर्ष भर में पड़ने वाली एकादशी तिथियों में से निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन व अत्यंत फलदायक माना जाता है।
Budh Margi 2023 विदेश से कोई ऐसा काम मिल सकता है जिसके आपको अच्छी आय हो सकती है। प्रेम संबंधों की बात की जाए तो रिश्तों में मधुरता रहेगी।
इस दिन पवित्र नदी में स्नान, ध्यान और दान करने की परंपरा होती है। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों को संतुष्टि मिलती है और साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
आज माता ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाएगी। आज कई शुभ और अशुभ योग बन रहे हैं। बुधवार की दिशा शूल उत्तर है।
वास्तु शास्त्रों में कुछ बातों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें ध्यान में रखकर ही घर में कोई वास्तु लाना चाहिए।
Maryada Purushottam Ram: सनातन धर्म में मंगलवार का दिन शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से प्रभु श्री राम के परम भक्त हनुमान जी को समर्पित है। गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्रीरामचरितमानस’ (Ramcharitmanas Prasang) के किष्किंधा कांड में एक ऐसा प्रसंग आता है।
वृषभ राशिफल आज हिंदी में, 22 अक्टूबर 2024, मंगलवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें