Nirjala Ekadashi 2024: पांडव पुत्र भीम ने बिना जल पिए रखा था व्रत, नाम पड़ा भीमसेनी एकादशी
निर्जला एकादशी के व्रत की शुरुआत पांडव पुत्र ने की थी। यह व्रत बहुत कठिन माना जाता है। इस दिन दान पुण्य करने का महत्व भी शास्त्रों में बताया है। इस व्रत को करने से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। है। इस दिन सिद्ध, शिव व त्रिपुष्कर योग भी बन रहे हैं।
