Pitru Paksha 2023: पितृपक्ष के दौरान इन बातों का रखें ध्यान, भूलकर भी ना करें ये काम
सनातन धर्म ग्रंथों के अनुसार जन्म लेने वाले हर मनुष्य पर तीन तरह के ऋण होते हैं – पितृ ऋण, देव ऋण और ऋषि ऋण। इनमें पितृ ऋण को सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण माना गया है। पितृ ऋण में माता पिता के साथ सभी बड़े-बुजुर्ग शामिल होते हैं।
