Pitru Paksha 2024: तिल, चावल और जौ से पितरों का श्राद्ध कर पाए पितृ दोष से मुक्ति, देखे कब है मातृ नवमी

सनातन धर्म में पुरखों को देवताओं के समकक्ष माना गया है। इसी के चलते सनातन धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना गया है। शहर में बड़ी संख्या सनातन धर्म को मानने वाली है। ऐसे में शहरवासी अपने आसपास मौजूद तालाब, नदी या अपने घरों में पात्र पर ही अपने पितरो को तर्पण करते है।

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