Pradosh Vrat 2023: आज है सोम प्रदोष व्रत, जानें शिव की पूजा विधि, मंत्र और महाउपाय

सनातन परंपरा में भगवान शिव की कृपा बरसाने वाले प्रदोष व्रत का बहुत ज्यादा महत्व है. देवों के देव महादेव का आशीर्वाद और उनसे मनचाहा वरदान पाने के लिए यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. हिंदू नववर्ष यानि विक्रम संवत – 2080 का पहला प्रदोष व्रत आज यानि 03 अप्रैल 2023, सोमवार को रखा जाएगा. सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष व्रत कहते हैं. चूंकि सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए ही समर्पित है, ऐसे में इस प्रदोष व्रत का बहुत ज्यादा महत्व बढ़ गया है.

सनातन परंपरा में किसी भी व्रत या पर्व को देखने के लिए पंंचांग को देखने की परंपरा है. पंचांग के अनुसार भगवान शिव की पूजा, जप-तप एवं व्रत रखने वाली त्रयोदशी तिथि जिसे प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है, वह 03 अप्रैल 2023, सोमवार को प्रात:काल 06:24 से प्रारंभ होकर 04 अप्रैल 2023 को प्रात:काल 08:05 बजे तक रहेगी. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाने वाला प्रदोष काल आज सोमवार को सायंकाल 06:40 से रात्रि 08:58 बजे तक रहेगा.

सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि

आज सोम प्रदोष व्रत की पूजा का पूरा फल पाने के लिए भगवान शिव के साधक को तन-मन से पवित्र होने के बाद भगवान शिव का पूजन एवं किसी शिवाला का दर्शन करना चाहिए. इसके बाद पूरे दिन मन में महादेव के पंचांक्षरी मंत्र का जप या भागवान भोलेनाथ का ध्यान करते हुए अन्य काम को करना चाहिए. इसके सूर्यास्त के पहले एक बाद फिर से स्नान-ध्यान करने के बाद प्रदोष काल में महादेव के संग मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें और उसके बाद प्रदोष व्रत की कथा कहें. पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती करना और प्रदोष व्रत का प्रसाद बांटना न भूलें.

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प्रदोष व्रत में जपें महादेव का महामंत्र

हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा में मंत्र जप को बहुत ही शुभ और लाभकारी माना गया है. ऐसे में आज प्रदोष व्रत की पूजा में महादेव के महामंत्र यानि महामृत्युंजय मंत्र का अधिक से अधिक जप करें. मान्यता है कि इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति के सभी दु:ख और कष्ट दूर और कामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं.

सोम प्रदोष व्रत की पूजा का महाउपाय

आज भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत की पूजा में आक के फूल, अक्षत, भस्म, सफेद चंदन, रुद्राक्ष, बेलपत्र, शमीपत्र, बेल, भांग चढ़ाएं. मान्यता है कि ये सभी चीजें भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं, जिसे चढ़ाते ही महादेव से मनचाहा वरदान मिलता है. पूजा में इन सभी चीजों केा चढ़ाने के साथ महादेव से मनचाहा वरदान पाने के लिए शिव के पंचाक्षरी मंत्र ॐ नम: शिवाय का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ रुद्राक्ष की माला से जप करें.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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