Pradosh Vrat : कब पड़ेगा चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत, जानें इसकी पूजा का महत्व एवं विधि

हिंदू (Hindu) धर्म में शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाने वाले भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा के लिए प्रदोष (Pradosh) तिथि अत्यंत ही शुभ मानी गई. मान्यता है कि विधि-विधान से प्रदोष व्रत करने वाले व्यक्ति से प्रसन्न होकर महादेव उस पर अपनी पूरी कृपा बरसाते हैं. पंचांग (Panchang) के अनुसार यह व्रत जिस दिन पड़ता है, इसका नाम उसी दिन के नाम पर तय हो जाता है. जैसे यदि सोमवार को प्रदोष व्रत पड़ता है तो उसे सोम प्रदोष और मंगलवार को पड़ता है तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहते हैं. आइए जानते हैं कि मार्च माह का आखिरी और चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत कब पड़ेगा और इस व्रत का महात्मय और विधि क्या है.

कब पड़ेगा प्रदोष व्रत

पंचांग के अनुसार भगवान शिव की कृपा दिलाने वाली त्रयोदशी तिथि या फिर कहें प्रदोष व्रत 29 मार्च 2022, मंगलवार को पड़ने जा रहा है. यह मार्च माह का आखिरी और चैत्र मास का पहला प्रदोष व्रत होगा. देश की राजधानी दिल्ली आधारित पंचांग के अनुसार पावन त्रयोदशी 29 मार्च को दोपहर 02:38 बजे से शुरु होकर 30 मार्च 2022, बुधवार की दोपहर 01:19 मिनट तक मान्य रहेगी. प्रदोष व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ समय सायंकाल 06:37 से रात्रि 08:57 बजे तक रहेगा.

भौम प्रदोष व्रत का महत्व

मार्च माह का आखिरी और चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष व्रत (Bhaum Pradosh Vrat) कहलाएगा क्योंकि यह मंगलवार के दिन पड़ रहा है. मान्यता है कि भौम प्रदोष व्रत को विधि-विधान से रखने पर साधक के जीवन से जुड़े सभी कर्ज दूर होते हैं और शिव की कृपा से उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

प्रदोष व्रत वाले दिन साधक को प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करके भगवान शिव के इस पावन व्रत का संकल्प करना चाहिए. इसके बाद ​विधि-विधान से शिव का पूजन एवं अर्चन करना चाहिए. फिर शाम के समय प्रदोष काल में एक बार फिर स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से शिव का विशेष पूजन करते हुए प्रदोष व्रत की पावन कथा को कहना या सुनना चाहिए. प्रदोष व्रत के दिन रुद्राक्ष की माला से शिव के मंत्र का अधिक से अधिक जाप करना चाहिए.

साल 2022 में आगामी प्रदोष व्रत

14 अप्रैल 2022, गुरुवार         – गुरु प्रदोष व्रत

28 अप्रैल 2022, गुरुवार         – गुरु प्रदोष व्रत

13 मई 2022, शुक्रवार            – शुक्र प्रदोष व्रत

27 मई 2022, शुक्रवार            – शुक्र प्रदोष व्रत

12 जून 2022, रविवार             – रवि प्रदोष व्रत

26 जून 2022, रविवार            – रवि प्रदोष व्रत

11 जुलाई 2022, सोमवार        – सोम प्रदोष व्रत

25 जुलाई 2022, सोमवार       – सोम प्रदोष व्रत

09 अगस्त 2022, मंगलवार     – भौम प्रदोष व्रत

24 अगस्त 2022, बुधवार        – बुध प्रदोष व्रत

08 सितंबर 2022, गुरुवार      – गुरु प्रदोष व्रत

23 सितंबर 2022, शुक्रवार     – शुक्र प्रदोष व्रत

07 अक्टूबर 2022, शुक्रवार    – शुक्र प्रदोष व्रत

22 अक्टूबर 2022, शनिवार    – शनि प्रदोष व्रत

05 नवंबर 2022, शनिवार       – शनि प्रदोष व्रत

21 नवंबर 2022, सोमवार       – सोम प्रदोष व्रत

05 दिसंबर 2022, सोमवार    – सोम प्रदोष व्रत

21 दिसंबर 2022, बुधवार      – बुध प्रदोष व्रत

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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