Ram Navami 2023: सिर्फ अयोध्या ही नहीं देश के इन मंदिरों में भी हर समय जुटती है राम भक्तों का भीड़

सनातन परंपरा में भगवान श्री विष्णु के सातवें अवतार माने जाने वाले भगवान राम का नाम आपको न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में सुनने-जानने को मिल जाएगा. हिंदू धर्म में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले राम को विदेशों में एक ऐसे महानायक के रूप में जाना जाता है, जिनका जीवन आज भी धर्म का सही मर्म समझा जाता है. पुरुषों में उत्तम माने जाने वाले भगवान राम की कथा के अनुसार वे अपने वनवास के दौरान जहां-जहां गए, वहां-वहां पर बड़े तीर्थ बन गए है. आइए भगवान राम की आस्था से जुड़े ऐसे ही पावन तीर्थो के बारे में विस्तार से जानते हैं.

1. श्री रामजन्मभूमि, अयोध्या
उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में स्थित इस पावन स्थान को भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार यह वही स्थान है, जहां कभी त्रेतायुग में भगवान श्री राम का प्राकट्य हुआ था. रामलला के इस पावन दरबार को देखने के लिए प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों तीर्थयात्री पहुंचते हैं. वर्तमान में इसी स्थान पर अयोध्या के राजा राम का भव्य मंदिर बन रहा है.

2. कनक भवन, अयोध्या
भगवान राम की जन्मस्थली आयोध्या में रामजन्मभूमि की तरह कनक भवन का मंदिर भी उनके भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है. भगवान के इस भव्य धाम के बारे में मान्यता है कि रामायणकाल में जब राम और सीता का विवाह हुआ तो माता कैकेयी ने देवी सीता को मुंह दिखाई में इस भवन को दिया था. कनक भवन में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की बेहद खूबसूरत प्रतिमा है. यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने लायक होता है.

3. राजा राम मंदिर, ओरछा, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के ओरछा में स्थित भगवान राम का मंदिर राम भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि भगवान राम यहां पर प्रतिदिन सोने के लिए रात को आते हैं और सुबह होते ही हनुमान जी उन्हें अयोध्या लेकर वापस चले जाते हैं. बेतवा नदी के किनारे स्थित इस खूबसूरत मंदिर को देश के प्रमुख राम मंदिरों में गिना जाता है.

4. कालाराम मंदिर, नासिक, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित भगवान राम का मंदिर रामभक्तों की आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है. इस मंदिर में भगवान राम की काले पत्थरों से बनी तकरीबन 2 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है. मान्यता है कि 14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान राम अपनी पत्नी देवी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ यहां पर कुछ दिनों तक ठहरे थे.

5. रामास्वामी मंदिर, तमिलनाडु
भगवान राम के भव्य रामास्वमी मंदिर को दक्षिण की अयोध्या कहा जाता है. यह दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों में से एक है, जहां पर वैष्णव भक्तों की हर समय भारी जुटी रहती है. यह देश का एकमात्र मंदिर माना जाता है, जहां पर भगवान राम के साथ न सिर्फ माता जानकी बल्कि उनके चारों भाई लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न भी मौजूद हैं. इसके परिसर में कई और छोटे मंदिर हैं.

6. रघुनाथ मंदिर, जम्मू
उत्तर भारत के प्रसिद्ध मंदिरों की बात बगैर रघुनाथ मंदिर की चर्चा के अधूरी मानी जाती है. जम्मू जिले में स्थित इस मंदिर में न सिर्फ भगवान राम की मूर्ति के बल्कि भगवान श्री विष्णु के अन्य अवतारों के भी दर्शन करने को मिलते हैं. रघुनाथ मंदिर सात अलग-अलग मंदिरों से मिलकर बना है. मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां पर दर्शन करने पर राम भक्तों को 33 कोटि देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है.

7. कोदंडाराम मंदिर, कर्नाटक
दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य के चिकमगलूर जिले में स्थित कोदंडाराम मंदिर राम भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र हैं. इस मंदिर की खासियत है कि यहां पर माता सीता भगवान राम और लक्ष्मण के दाहिनी ओर खड़ी हुई हैं.

8. चित्रकूट, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बार्डर पर स्थित बेहद ही रमणीय स्थान है, जहां पर कभी भगवान राम ने माता सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास किया था. यही कारण है कि हर राम भक्त का मन अयोध्या नगरी के बाद चित्रकूट की ओर भागता है. यहां पर आपको भगवान राम के साथ अन्य देवी-देवताओं से जुड़े मंदिर के दर्शन करने को मिलते हैं.

9. श्री राम तीर्थ मंदिर, अमृतसर
पंजाब का अमृतसर न सिर्फ स्वर्ण मंदिर बल्कि भगवान राम के मंदिर के लिए भी जाना जाता है. रामायण काल से जुड़े इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जब लंका से लौटने के बाद भगवान राम ने माता सीता का त्याग किया था, तब माता सीता ने इसी स्थान पर महर्षि बाल्मीकि के आश्रम में शरण लिया था. इसी स्थान पर माता सीता ने लव और कुश को जन्म दिया था. यही कारण है कि लोग अयोध्या की तरह इस मंदिर के दर्शन करने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में पहुचते हैं.

10. त्रिप्रायर श्री राम मंदिर, केरल
केर के त्रिशूर शहर में स्थित भगवान राम के इस मंदिर की बड़ी मान्यता है. लोगों का विश्वास है कि इस मंदिर में पूजा करने से व्यक्ति बुरी बलाओं से बचा रहता है. मंदिर में स्थापित भगवान राम की मूर्ति को लेकर मान्यता है कि इसकी पूजा स्वयं भगवान श्री कृष्ण करते हैं. इस मंदिर में आपको बेहद खूबसूरत मूर्तियों के साथ लकड़ी की अच्छी नक्काशी देखने को मिलती है.

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