Rohini Nakshatra 2023: 25 मई से लगेगी रोहिणी, तपिश के साथ बारिश के भी आसार
वर्षा ऋतु में सामान्य से श्रेष्ठ वर्षा होगी, कहीं-कहीं खंड वृष्टि के भी योग। गुरु पुष्य के सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग में नवतपाकाआरंभ।
वर्षा ऋतु में सामान्य से श्रेष्ठ वर्षा होगी, कहीं-कहीं खंड वृष्टि के भी योग। गुरु पुष्य के सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग में नवतपाकाआरंभ।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के दोष से जीवन में नकारात्मक असर पड़ता है। इन दोषों को दूर करने के लिए संबंधित ग्रहों पर विशेष फूल अर्पित करना लाभकारी होता है। यह उपाय सरल होते हुए भी प्रभावशाली हैं और ग्रहों की स्थिति सुधारकर जीवन में सकारात्मकता लाते हैं।
वास्तु शास्त्र में मां लक्ष्मी के आगमन का शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त है। इस दौरान किए गए शुभ कामों से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में कढ़ाई या तवा उल्टा रखने से नकारात्मक ऊर्जा आती है। इससे धन हानि, विवाद, और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कढ़ाई को दाईं ओर रखना और खुरचना चाहिए है, जिससे सुख-समृद्धि बढ़ती है।
धनु राशिफल आज, 01 अप्रैल, मंगलवार: प्यार, करियर और आश्चर्य आगे हैं – क्या आप आने वाले समय के लिए तैयार हैं?
धनतेरस 29 अक्टूबर 2024 को त्रिग्रही, त्रिपुष्कर, इंद्र और लक्ष्मी नारायण योग का महासंयोग बन रहा है। ये धन की वर्षा करने वाले माने जाते हैं, जिससे नए निवेश, खरीददारी और आर्थिक योजनाओं में सफलता की संभावना बढ़ती है।