Rukmini Ashtami 2024: कब है रुक्मिणी अष्टमी? नोट कर लें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
लक्ष्मी का स्वरूप देवी रुक्मिणी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है और आर्थिक तंगी नहीं आती है। साथ ही मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।
लक्ष्मी का स्वरूप देवी रुक्मिणी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है और आर्थिक तंगी नहीं आती है। साथ ही मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।
Kawad Yatra 2023 सावन मास में सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने का विशेष विधान है।
ताश के पत्तों को पढ़ना टैरो कार्ड रीडिंग कहलाता है। ऐसा माना जाता है कि इन ताश के पत्तों को पढ़कर भविष्य में होने वाली घटनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन जो ज्योतिष में रुचि रखते हैं उनके मन में यह सवाल जरूर उठता होगा कि टैरो कार्ड्स से भविष्य कैसे देख सकते…
पितृ पक्ष में उत्सव और भव्य आयोजनों से परहेज़ करने की परंपरा है। यदि जन्मदिन इस काल में पड़ता है, तो उसे साधारण रूप से मनाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार धूमधाम के बजाय पितरों के नाम से दान-पुण्य, तर्पण, दीपदान और पूजा करना अधिक शुभ और फलदायी माना गया है।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में दो ग्रह शुभ स्थिति में होते हैं, तो वे लड़कियों के बीच आकर्षण का केंद्र होते हैं।
Ram Navami 2023: रायपुर के दूधाधारी मठ में श्रीराम, सीता, लक्ष्मण के साथ ही भरत एवं शत्रुघ्न भी गर्भगृह में प्रतिष्ठापित हैं।
Akshaya Tritiya 2022: अक्षय तृतीया के दिन दिन रामायण-महाभारत की कई घटनाएं हुई थीं। इसीलिए इसे महामुहूर्त का नाम दिया गया है।