Sawan 2023: सावन में इस बार 4 एकादशी व्रत, हरि कृपा के साथ मिलेगा शिव का भी आशीर्वाद

सावन का महीना इस साल 4 जुलाई से शुरू होने वाला है. यह महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है, इसीलिए शिव पूजा के लिए इससे अच्छा समय कोई और हो ही नहीं सकता. इस बार सावन का महीना बहुत ही खास है. दरअसल इस साल अधिकमास होने की वजह से सावन एक नहीं बल्कि पूरे दो महीने तक चलेगा. इस दौरान चार नहीं बल्कि आठ सोमवार तक भगवान शिव की पूजा की जाएगी और व्रत रखा जाएगा. खास बात ये है कि इस बार एकादशी के व्रत भी चार रखे जाएंगे. इस वजह से सावन का महत्व और भी ज्यादा हो गया है. अब सावन में भगवान शिव के साथ ही श्रीहरि की कृपा भी बरसेगी.सावन के महीने में कौन-कौन सी एकादशी कब पड़ेंगी और क्या है इनमें व्रत का महत्व जानें यहां.

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सावन में कब-कब पड़ेगा एकादशी व्रत

सावन के महीने में पहला यानी कि कामिका एकादशी का व्रत 13 जुलाई को रखा जाएगा. वहीं दूसरा पुत्रदा एकादशी व्रत 27 अगस्त और तीसरा पद्मिनी एकादशी व्रत 29 जुलाई और चौथा और आखिरी परमा एकादशी का व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा. सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के साथ ही अब श्री हरि का आशीर्वाद भी खूब बरसेगा.

1-कामिका एकादशी (13 जुलाई)

कामिका एकादशी का व्रत अगर पूरे विधि-विधान से किया जाए तो जीवन की हर मुश्किल दूर हो जाती है. साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. यह व्रत सावन में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को गुरुवार के दिन रखा जाएगा.

2-पुत्रदा एकादशी (27 अगस्त)

पुत्रदा एकादशी को बैकुंठ एकादशी के नाम से भी जाना जाता है.मान्यता है कि जो भी भक्त इस व्रत को पूरी निष्ठा और नियम के साथ करता है उसे मृत्यु के बाद मोक्ष मिल जाता है.यह व्रत शुक्ल पक्ष की एकादशी को रविवार के दिन रखा जाएगा.

3-पद्मिनी एकादशी (29 जुलाई)

पद्मिनी एकादशी को कमला एकादशी भी कहा जाता है.मान्यता है कि अधिकमास में जो भी मनुष्य पद्मिनी एकादशी का व्रत रखता है और इसकी कथा सुनता है उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और वह सीध बैकुंठ धाम को जाता है.यह व्रत अधिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को शनिवार के दिन रखा जाएगा.

4-परमा एकादशी (12 अगस्त)

परमा एकादशी मलमास के कृष्ण पक्ष में आती है. इस एकादशी के व्रत का फल कई व्रतों के बारबर होता है. इस व्रत को सच्चे मन से करने पर दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति होती है. इसका व्रत बहुत ही कठिन होता है. इस व्रत में अन्न,सोना और विद्या का दान करना बहुत ही उत्तम होता है. यह एकादशी सावन महीने में शुक्ल पक्ष में शनिवार के दिन पड़ेगी.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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