Sawan Shivratri 2022: सावन के महीने में शिवरात्रि का विशेष महत्व, जानें कब है व्रत और शुभ मुहूर्त
सावन महीने में सोमवार का अपना ही महत्व होता है, लेकिन सावन के शिवरात्रि में शिव के जलाभिषेक से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सावन महीने में सोमवार का अपना ही महत्व होता है, लेकिन सावन के शिवरात्रि में शिव के जलाभिषेक से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सावन शिव भक्ति को लेकर व्रत रखने के अतिरिक्त कावड़ यात्रा निकालने की परंपरा भी होती है।
Buddha Purnima 2023: 5 मई 2023 शुक्रवार के दिन रात्रि 8:45 पर पहला चंद्र ग्रहण लगेगा जो उपछाया चंद्र ग्रहण होगा।
ज्येष्ठ माह में निर्जला एकादशी का भी व्रत आता है। निर्जला एकादशी के ठीक एक दिन पहले गंगा दशमी का व्रत आना विशेष प्रकार के संकल्प की सिद्धि देने वाला बताया गया है। इन योगों में भी शुभ मांगलिक कार्य करने से माता गंगा की कृपा प्राप्त होती है।
Pitru Paksha 2023 पितृपक्ष के दौरान तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करना बेहद फायदेमंद होते हैं।
Vastu Shastra Tips: वास्तु के मुताबिक घर की खुशहाली बनाए रखने में किचन का भी महत्वपूर्ण स्थान रहता है।
विजयादशमी के दिन देवी अपराजिता की पूजा करने की परंपरा है। अपराजिता पूजा करने का सबसे अच्छा समय दोपहर का माना जाता है।