Shabari Jayanti 2023: कहां है माता शबरी का पावन धाम, जानें इनकी पूजा विधि और धार्मिक महत्व
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती के रूप में मनाया जाता है. सनातन परंपरा में इस दिन की पूजा एवं व्रत का महत्व जानने के लिए पढ़ें ये लेख.
फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती के रूप में मनाया जाता है. सनातन परंपरा में इस दिन की पूजा एवं व्रत का महत्व जानने के लिए पढ़ें ये लेख.
राजयोग से मतलब व्यक्ति को राजा के सामान सभी तरह की सुख-सुविधा मिलती है. आइए जानते है कुंडली मे राजयोग कैसा बनता है जिससे व्यक्ति का जीवन सुख-सुविधाओं और ऐशोआराम से व्यतीत होता है.
सनातन परंपरा से जुड़े हर व्यक्ति के घर में आपको तुलसी का पौधा जरूर देखने को मिल जाएगा क्योंकि यह सुख-सौभाग्य को बढ़ाने वाला माना गया है. जिस तुलसी को हिंदू धर्म में विष्णुप्रिया कहते हुए बहुत ज्यादा पूजनीय माना गया है, उसका ज्योतिष में भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ज्योतिष के अनुसार…
बछ बारस का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस त्योहार को संतान की आयु से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। मान्यता है कि इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यहां आपको बछ बारस से जुड़ी पौराणिक कथा बताते हैं।
गुरु पूर्णिमा के दिन अत्यंत शुभ ब्रह्म और इंद्र योग रहेगा। इस योग में गुरु की पूजा का विशेष फल मिलेगा।
कुंडली में कमजोर बुध का असर कम करने के लिए ज्योतिषाचार्य कुछ उपाय भी बताते हैं। जैसे भगवान विष्णु की आराधना करें। गणेश जी को लड्डुओं का भोग लगाएं। गाय की सेवा करें। पन्ना रत्न धारण करें। बुधवार को तुलसी के पत्ते खाएं।
पूर्वजों की कृपा से परिवार में खुशहाली आती है। ज्योतिष के अनुसार इस फाल्गुन अमावस्या पर शुभ योग का संयोग बन रहा है।