Shani Jayanti 2022: क्यों पसंद है शनि देव को काला रंग, पढ़ें ये पौराणिक कथा

शनि जयंती (Shani Jayanti 2022) हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या के दिन मनाई जाती है. इस दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए लोग शनि देव की विधि-विधान से पूजा करते हैं. काली वस्तुओं जैसे काला कपड़ा, काली दाल, काले तिल, काले चने और लोहा आदि का दान करते हैं. ऐसा माना जाता है कि शनि देव को काली वस्तुएं बहुत पसंद हैं. इसलिए शनि देव की पूजा के दौरान काले रंग की वस्तुओं का इस्तेमाल खासतौर से किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि शनि देव को काली वस्तुएं क्यों पसंद हैं. जबकि शनि देव सूर्य के पुत्र हैं जिनका श्वेत रूप है. आइए जानें शनि देव को काली वस्तुएं क्यों पसंद हैं.

काले रंग को लेकर प्रचलित कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार सूर्य देव का विवाह दक्ष प्रजापति की पुत्री संध्या से हुआ था. संध्या और सूर्यदेव की मनु, यमराज और यमुना नामक तीन संतानें थी. लेकिन सूर्य देव का तेज देवी संध्या सहन नहीं कर पाती थीं. इस कारण उन्होंने अपने जगह अपनी प्रतिरूप छाया को रख दिया. ऐसा करने के बाद वे कुछ दिनों के लिए अपने पिता के घर चली गईं. देवी छाया का रूप और गुण बिलकुल देवी संध्या जैसा था. इस कारण सूर्य देव ये जान नहीं पाएं की छाया वास्तव में संध्या का प्रतिरूप हैं. देवी छाया कुछ समय बाद गर्भवती हो गईं. गर्भावस्था के दौरान देवी छाया भगवान शिव का कठोर तप करती थीं. इस कारण वे अपना और अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का ध्यान नहीं रख पाती हैं. इस कारण शनि देव जन्म के समय बहुत काले और कुपोषित पैदा हुए. काला पुत्र देख सूर्य देव को क्रोध आया. उन्होंने शनि देव को अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया. ये बात शनि देव को बहुत बुरी लगी.

गर्भावस्था के दौरान देवी छाया भगवान शिव का कठोर तप करती थीं. इसलिए उन्हें शिव से शक्ति प्राप्त हो गई थीं. यही कारण कि शनि देव कई शक्तियां लेकर उत्पन्न हुए थे. सूर्य देव ने जब शनि देव को अपनी संतान मनाने से इंकार किया तो शनि देव को बहुत क्रोध आया. उन्होंने क्रोध से सूर्य देव को देखा. इस कारण सूर्य देव का रंग काला पड़ गया. उन्हें कुष्ठ रोग हो गया. ऐसे में सूर्य देव ने भगवान शिव से क्षमा मांगी. अपनी गलती स्वीकार की और शनि देव को सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली होने का वरदान दिया. काले रंग की उपेक्षा के कारण और अपने काले रंग के कारण शनि देव ने इस रंग को अपना प्रिय रंग बना लिया. यही कारण है कि शनि देव की पूजा के दौरान काली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. काले रंग की चीजों का दान किया जाता है.

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