Shani Jayanti 2024: 6 जून को रखें शनि जयंती व्रत, भगवान सूर्य देव के पुत्र को ऐसे करें प्रसन्न
पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव का जन्म सर्वार्थ सिद्धि योग में ही हुआ था।
पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव का जन्म सर्वार्थ सिद्धि योग में ही हुआ था।
वैदिक ज्योतिष में सूर्य का धनु राशि में गोचर उत्साह, लक्ष्य-निर्धारण, आत्मविश्वास और विचारों के विस्तार का काल माना जाता है। जब जब आत्मबल, उद्देश्य, नेतृत्व, ऊर्जा और आत्मा के कारक सूर्य अग्नि तत्व की ज्ञानपूर्ण, आध्यात्मिक और दूरदर्शी राशि धनु में प्रवेश करते हैं, तो जीवन में एक नई दिशा, नई प्रेरणा और प्रगति…
सिंह राशिफल आज हिंदी में, 01 मार्च, 2025, शनिवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
रामनवमी के बाद अब हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2025) का उल्लास है। हर शहर के हर हनुमान मंदिर में आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच, हनुमान जन्मोत्सव पर किए जाने वाले उपाय (Hanuman Janmotsav Upay) भी चर्चा में हैं। यहां जानिए ऐसे ही दो उपायों के बारे में।
सनातन परंपरा में चैत्र मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली नवरात्रि को वासंतिक नवरात्रि के रूप में भी जाना जाता है. हिंदू धर्म में इस नवरात्रि का बहुत ज्यादा महत्व है क्योंकि इसी के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है. नवरात्रि 09 दिनों तक की जाने वाली साधना में चौथे दिन की जाने वाली…
मंगल के राशि परिवर्तन से इसका प्रभाव सभी जातकों पर पड़ता है कुछ पर शुभ तो कुछ पर अशुभ और मिलाजुला असर देखने को मिलेगा।
Astro News: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में राहु या केतु नवम भाव में स्थिति होते हैं, तो जातक पितृ दोष से पीड़ित माना जाता है। इन लक्षणों के आधार पर भी पितृ दोष की स्थिति को समझा जा सकता है।