Shanishchari Amavasya 2022: शनिश्चरी अमावस्या 30 अप्रैल को, राशि अनुसार करें ये चीजें दान, मिलेंगे शुभ फल
Shanishchari Amavasya 30 April 2022: शनिवार को अमावस्या होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
Shanishchari Amavasya 30 April 2022: शनिवार को अमावस्या होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
नई दिल्ली, 26 मई। बुध 13 मई को पश्चिम दिशा में अस्त हुआ था और अब 19 दिन बार 31 मई को पूर्व दिशा में उदय हो रहा है। बुध का सर्वाधिक प्रभाव मनुष्य के सोचने-समझने की शक्ति पर पड़ता है।
नवरात्रि के नौवें दिन यानी महा नवमी के दिन माँ दुर्गा के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माँ के नाम का अर्थ है सभी प्रकार की सिद्धि और मोक्ष देने वाली मां। माँ सिद्धिदात्री की पूजा स्वयं देवी, देवता, यक्ष, गंधर्व, किन्नर, दानव, ऋषि, मुनि, साधक, और गृहस्थ आश्रम में जीवन…
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. सूर्य के राशि परिवर्तन करते ही खरमास खत्म हो जाएगा. खरमास के खत्म होने पर मांगलिक और धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं.
Panchgrahi Yoga: वर्तमान समय में मीन राशि में पंचग्रही योग बना हुआ है। यह योग विशेष इसलिए है क्योंकि इसमें पंचग्रही के साथ बुधादित्य और शुक्रादित्य योग भी बना हुआ है। इसके साथ ही सूर्य ग्रहण दोष और बंधक योग भी
हनुमान जन्मोत्सव चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि यानी 23 अप्रैल 2024, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस बार यह मंगलवार के दिन पड़ने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
सनातन धर्म में मोक्षदा एकादशी व्रत बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के साथ माँ लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा और व्रत करने करने से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसके अलावा पूर्वजों को भी मोक्ष प्राप्त होता है। इसे मोक्ष देने वाला व्रत…