Shankh Puja Vidhi: देवी-देवताओं की पूजा में शंख का इस्तेमाल करते समय कभी भूलकर न करें ये गलती

हिंदू धर्म से जुड़े तमाम मंदिरों और घरों में आपने अक्सर किसी धार्मिक या मांगलिक कार्य के दौरान शंख को बजते हुए जरूर सुना होगा. जिस शंख को सनातन परंपरा में मंगल प्रतीक के रूप में पूजा और बजाया जाता है, उसे अपने घर में रखने और प्रयोग करने के लिए कुछेक नियम बताए गये हैं, जिनकी अनदेखी करने पर व्यक्ति को पुण्य की बजाय दोष लगता है. आइए समुद्र मंथन से निकले नवरत्नों में से एक शंख से जुड़े उन धार्मिक एवं वास्तु नियमों के बारे में जानते हैं, जिनका पालन करने पर व्यक्ति की पूजा शीघ्र ही सफल और सिद्ध होती है.

पूजा घर में कितने होने चाहिए शंख

हिंदू मान्यता के अनुसार पूजा घर में देवताओं को जल चढ़ाने के लिए अलग और बजाने के लिए अलग शंख रखना चाहिए. इसी प्रकार जब कभी भी शंख बजाएं, उसे हमेशा धोकर ही उचित आसन या पात्र में रखें.

कब और कितनी बार बजाना चाहिए शंख

हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार अक्सर ईश्वर की पूजा और मंगल कार्य में शंख बजाया जाता है. यदि बात करें दैनिक पूजा की तो शंख को हमेशा प्रात:काल और संध्याकाल में पूजा के दौरान जरूर बजाना चाहिए. इसके अलावा अन्य प्रहर में शंख को अकारण नहीं बजाना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार पूजा के दौरान जब कभी भी शंख बजाना हो तो पहले भगवान श्री हरि का ध्यान करना चाहिए फिर उसके बाद शंख को एक साथ तीन बार बजाना चाहिए.

महादेव की पूजा में शंख का न करें प्रयोग

हिंदू मान्यता के अनुसार जहां भगवान श्री विष्णु की पूजा में शंख का प्रयोग बहुत ज्यादा शुभ और फलदायी माना गया है, वहीं देवों के देव महादेव की पूजा में शंख का प्रयोग कर पूरी तरह से मना है. शिव पूजा में कभी भी जल चढ़ाने या फिर बजाने के लिए शंख का प्रयोग न करें.

कहां और कैसे रखें शंख

पूजा घर में शंख को रखने के लिए भी कुछ नियम बताए गये हैं. वास्तु के अनुसार शंख को हमेशा पूजा घर में भगवान श्री विष्णु की मूर्ति के दायी ओर रखना चाहिए. यदि आप शंख को पूजा घर की बजाय किसी और जगह पर रखना चाहते हैं तो आप उसे अपने पूजा घर की उत्तर या फिर उत्तर पूर्व दिशा में किसी पवित्र स्थान पर रख सकते हैं. शंख को वहां पर किसी आसन या पात्र में कुछ इस तरह रखें कि उसका खुला हुआ हिस्सा ऊपर की तरफ रहे.

शंख से जुड़ा उपाय

हिंदू धर्म में घर में शंख को रखने और बजाने का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व बताया गया है. मान्यता है कि यदि ईश्वर की पूजा करने के बाद शंख में जल भर कर पूरे घर में छिड़का जाए तो घर के भीतर की जितनी भी नकारात्मक ऊर्जा होती है, वह पलक झपकते ही दूर हो जाती है और उस घर में हमेशा भगवान श्री विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की कृपा बरसती रहती है.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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