Shatru Nashak Upay: शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला अचूक उपाय, जिसे करते ही दूर होते हैं सारे संकट

जीवन में कई बार न चाहते हुए भी आपकी किसी न किसी से तकरार हो जाती है जो कि धीरे-धीरे बड़ी शत्रुता या फिर कहें दुश्मनी में बदल जाती है. जीवन में किसी के साथ हुई शत्रुता व्यक्ति के सुकून को खत्म करती है क्योंकि आपका विरोधी आए दिन आपके सोचे हुए कार्य में बाधा डालता रहता है. नतीजतन, आदमी हर समय अपने दुश्मन की चालों को नाकाम करने में लगा रहता है और अपनी प्रगति की ओर कम ध्यान दे पाता है. यदि आपके जीवन में भी किसी शत्रु या फिर कहें विरोधी का संकट बना हुआ है और आप चाहते हैं उससे आपको जल्द से जल्द मुक्ति मिले तो आपको नीचे दिये गये शत्रु नाशक उपाय जरूर आजमाना चाहिए.

यह मंत्र दिलाता है बड़े से बड़े शत्रु पर विजय

हिंदू धर्म में किसी भी कामना को पूरा करने के लिए मंत्र जप को बहुत ज्यादा प्रभावी और फलदायी माना गया है. ऐसे में शत्रु से जुड़े कष्टों को दूर करने और उन पर विजय पाने के लिए आपको भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र – ‘ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ’ अथवा मां बगुलामुखी का मंत्र ‘ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्ववां कीलय, बुद्धि विनाशय, ह्रीं ॐ स्वाहा’ का जप पूरे विधि-विधान से करना चाहिए. इन मंत्रों के अलावा आप चाहें तो नरसिंह भगवान के मंत्र ‘ॐ नृ नृसिंहाय शत्रु भुज बल विदीर्णाय स्वाहा’ का जप करके भी अपने दुश्मनों से पीछा छुड़ा सकते हैं.

शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला ज्योतिष उपाय

यदि आप अपने विरोधी या फिर कहें शत्रु पर विजय हासिल करना चाहते हैं तो आपको अपने शत्रु का नाम भोजपत्र पर लाल चंदन से लिखना चाहिए. इसके बाद उस भोजपत्र को एक शहद की डिब्बी में डुबोकर अपने घर के किसी कोने में रख देना चाहिए. मान्यता है कि इस उपाय को करने ही चमत्कारिक रूप से शत्रु आपसे दूर हो जाएगा या फिर समझौता कर लेगा.

संकटमोचक की पूजा से मिलेगी शत्रुओं से मुक्ति

सनातन परंपरा में पवनपुत्र हनुमान को संकटमोचक कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों के द्वारा सच्चे दिल से याद करने पर मदद करने के लिए दौड़े चले आते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि कोई भक्त प्रतिदिन बजरंग बाण का पाठ करता है तो उस पर हमेशा महाबली बजरंगी की कृपा बरसती है और कोई भी शत्रु उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं पाता है.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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