Shiv Katha: भगवान शिव ने क्यों किया था चंद्रमा को अपने शीश पर धारण? जानिए इसकी रोचक कथा
भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। महादेव के शीश पर गंगा और मस्तक पर अर्ध चंद्र हमेशा विराजमान रहते हैं।
भोलेनाथ को देवों के देव महादेव कहा जाता है। महादेव के शीश पर गंगा और मस्तक पर अर्ध चंद्र हमेशा विराजमान रहते हैं।
रावण के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा विरोधाभास उसका जन्म है। वह कोई साधारण बालक नहीं था, बल्कि दो विपरीत विचारधाराओं का संगम था। उसके पिता महर्षि विश्रवा एक अत्यंत विद्वान ब्राह्मण और ऋषि पुलस्त्य के पुत्र थे। वहीं उसकी माता कैकसी एक असुर राजकुमारी थी।
सब्र या फिर कहें धैर्य किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं बल्कि उसकी अंदरूनी ताकत होती है जो अक्सर मजबूत लोगों में पाई जाती है. जीवन में धैर्य के मायने जानने के के लिए जरूर पढ़ें सफलता के मंत्र.
Aaj Ka Vrishchik Rashifal: आज का दिन वृश्चिक राशि के लोगों के लिए मिला-जुला रहने वाला है। आपकी दृढ़ता और संकल्प शक्ति आज आपको कई चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी। आपमें ऊर्जा का स्तर उच्च रहेगा, जिससे आप अपने कार्यों
Dev Uthani Ekadashi 2023: इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और तुलसी के पौधे का पूजन किया जाता है।
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों पर भरोसा नहीं किया जा सकता तथा ये आमतौर पर विश्वासपात्र नहीं होते।
कहते हैं की शनि की वक्र दृष्टि से लोगों को बहुत बुरा समय देखना पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ हुआ राजा विक्रमादित्य के साथ जब उनके एक फैसले से शनिदेव नाराज हो गए। सुनिए शनिवार के व्रत की महिमा इस कहानी के जरिए।