Shivashtak Stotram: शिवरात्रि पर जरूर करें शिवाष्टक स्तोत्र का पाठ, प्राप्त होगी भगवान शिव की कृपा
विधि-विधान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। अंत में शिवाष्टक स्तोत्र का पाठ करें और आरती करें।
विधि-विधान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। अंत में शिवाष्टक स्तोत्र का पाठ करें और आरती करें।
आज का राशिफल 09-अप्रैल-2025: वृषभ और मिथुन, करियर में बदलाव और प्यार में अप्रत्याशित आश्चर्य आपका इंतजार कर रहे हैं। अपने दिन को और गहराई से जीएं!
Janmashtami 2025: उज्जैन के ह्रदय स्थल में स्थित श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अनोखे ढंग से होती है। यहां जन्माष्टमी की रात मध्यरात्रि को कान्हा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन जन्म के बाद पांच दिनों तक मंदिर में शयन आरती नहीं होती।
हमारे शास्त्रों में भोजन को लेकर भी कुछ बातें बताई गईं हैं, जिनका पालन करने से घर में खुशियां आती हैं। शास्त्रों में बताई गई बातों सबसे प्रमुख भोजन मंत्र करना, खाने से पहले हाथ धोना, नहाकर ही खाना है।
शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण व्यक्ति को कई तरह के मानसिक,आर्थिक और शारीरिक कष्ट देते हैं। शनि की साढ़ेसाती होने पर व्यक्ति के कार्यों में लगातार बाधाएं आने लगती है। ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं, जिनका पालन करते हुए कष्टों को कम किया जा सकता है।
सागर के मालथौन में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। सालभर डला रहता है ताला। 10वीं-11वीं शताब्दी का है मंदिर।
नवरात्रि के पहले दिन में मां शैलपुत्री की पूजा शुभ मुहूर्त में की जाएगी. तो चलिए आपको बताते हैं पूजा की शुभ मुहूर्त और नवरात्रि के प्रारंभ की तिथि.