Shnai Ke Upay: शनिवार के इस उपाय को करते ही दूर होगा कुंडली का शनि दोष, नहीं सहने पड़ेंगे साढ़ेसाती के कष्ट

सनातन धर्म में हर दिन एक अलग महत्व लेकर आता है. हर एक दिन किसी न किसी देवी-देवता के लिए समर्पित है.शनिवार को छाया पुत्र शनिदेव की पूजा की जाती है. हर मनुष्य खुशहाल जीवन चाहता है लेकिन कुंडली में दोष की वजह से जिंदगी पटरी से नीचे उतर जाती है और दुख-कष्ट सहने पड़ते हैं. इंसान यही कामना करता है कि जीवन में कभी भी शनिदेव की दृष्टि उसके प्रति टेढ़ी न हो. लेकिन ये भी सच है कि हर किसी की लाइफ में ऐसा समय आता ही है जब शनि की दशा झेलनी पड़ती है. साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप इंसान को झेलना पड़ता है, लेकिन शनिवार के दिन ऐसे कई उपाय हैं,जिनको करने से कुंडली का शनि दोष दूर हो जाता है और कष्ट नहीं सहने पड़ते हैं.

Shanivar Vrat Vidhi: कुंडली में शनि दोष से मुक्ति दिलाता है शनिवार का व्रत, जानें पूरी विधि और उपाय

हर शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाएं और हनुमान चालीसा पढ़ें, इससे साढ़ेसाती का दोष दूर होने लगता है.
शनिवार को पीपल के पेड़ को दोनों हाथों से छूने मात्र से सभी काम बनने लगते हैं. पेड़ की जड़ में जल चढ़ाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और दोष दूर होते हैं.
शनिवार को गुड़ मिला जल पीपल के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं. साथ ही पेड़ की सात परिक्रमा लगाएं. इससे शनि दोषों से मुक्ति मिलती है.
शनिवार को शाम के समय पीपील के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में खुशियां आने लगती हैं.
शनिवार को काले कुत्ते या फिर काली गाय को खाना खिलाना काफी शुभ होता है. इससे जिंदगी में आने वाली रुकावटें दूर होने लगती हैं.
ढैय्या के दोष को कम करने के लिए एक कटोरे में सरसों का तेल लेकर उसमें सिक्का डालें अपना चेहरा उस तेल में देखकर उसे भड्डरी को दान कर दें.
शनि दोषों से मुक्ति पाने के लिए हर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना काफी फलदायी है. अगर सुंदर कांड का पाठ करते हैं तो भी शनि कृपा बरसती है.
शनि दोष की वजह से काम नहीं बन रहे तो घर से निकलने से पहले हनुमान जी के चरणों से सिंदूर लेकर तिलक लगाएं इससे शनि दोष दूर होते हैं.
हर शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे आटे से बने चौमुखी दीये को सरसों का तेल डालकर जलाएं, ऐसा करने से शनि दोषों से निजात मिलती है.
शिवलिंग पर गंगाजल और शमी का पत्ता उल्टा करके चढ़ाने से शनि से जुड़े दोषों से मुक्ति मिलती है. याद रहे कि शमी पत्र चढ़ाने से पहले उसका ठंडल निकाल दें.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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