Sita Navami 2023: आज है सीता नवमी, जानें किस पूजा से मिलेगा अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद

हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार हर साल वैशाख महीने के शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को माता जानकी का प्राकट्य दिवस माना जाता है. माता सीता की पूजा एवं व्रत से जुड़ा यह पर्व इस साल आज 29 अप्रैल 2023 को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार सीता जयंती के दिन यदि कोई महिला शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान से मां जानकी का व्रत रखते हुए उनकी पूजा करती है तो उसे अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए सनान परंपरा में सतीत्व की पहचान मानी जाने वाली पांच महिलाओं में से एक मां सीता की पूजा का महाउपाय जानते हैं.

सीता नवमी का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार सीता नवमी के व्रत को न सिर्फ विवाहित महिलाएं बल्कि कुंवारी कन्याएं भी रख सकती हैं. मान्यता है कि इस व्रत के पुण्यफल से जहां शादीशुदा महिलाओं को सुहागिन बने रहने का वरदान मिलता है तो वहीं कुंवारी कन्याओं की शादी में आ रही सभी बाधाएं शीघ्र ही दूरी होती हैं और उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है.

कुंवारी कन्या की शादी का अचूक उपाय

यदि किसी कुंवारी कन्या के विवाह में विलंब हो रहा हो या फिर उसकी शादी अक्सर तय होने के बाद टूट जा रही हो तो इस चिंता से मुक्ति पाने के लिए सीता जयंती का व्रत जरूर रखना चाहिए. सुयोग्य वर के साथ शीघ्र विवाह का वरदान पाने के लिए कुंवारी कन्या को इस दिन मां सीता को विशेष रूप से श्रृंगार की सामग्री चढ़ानी चाहिए.

इस मंत्र से पूरी होगी सौभाग्य की कामना

यदि आप माता सीता की जयंती वाले दिन व्रत का पुण्यफल पाना चाहते हैं तो आपको इस दिन भगवान राम के साथ उनकी विधि-विधान से पूजा करें. साथ ही साथ मां जानकी को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्र ‘ॐ सीतायै नमः’ का जप या फिर जानकी स्तोत्र या फिर सीता अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करें.

सुखी वैवाहिक जीवन का उपाय

हिंदू मान्यता के अनुसार सीता नवमी के दिन घर में राम दरबार के सामने गाय के दूध से बने शुद्ध देशी घी का दीया जलाने और श्री रामचरितमानस का पाठ करने से घर की कलह दूर होती है और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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