Som Pradosh Vrat 2024: सोम प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से करें भगवान शिव की पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी
प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय सबसे अधिक लाभकारी मानी जाती है। ऐसे में आप शाम 6.30 बजे से रात 8.30 बजे तक पूजा कर सकते हैं।
प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय सबसे अधिक लाभकारी मानी जाती है। ऐसे में आप शाम 6.30 बजे से रात 8.30 बजे तक पूजा कर सकते हैं।
नई दिल्ली, 20 सितंबर। हिंदू धर्म शास्त्रों में प्रत्येक शुभ कार्य करने के लिए उचित समय बताया गया है। शुभ समय में किए गए कार्य सफल होते हैं और अशुभ समय में किए गए कार्य शीघ्र फलीभूत नहीं होते या असफल
वर्षों से स्थान परिवर्तन के कारण पता ही नहीं है कि हमारे कुलदेवता/देवी कौन है। कैसे उनकी पूजा कैसे होती है।
Aries Daily Horoscope: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपकी दृढ़ता और साहस आपको हर मुश्किल से बाहर निकालेगा। आज आपमें ऊर्जा और उत्साह की
नई दिल्ली, 25 मई। सामुद्रिक शास्त्र में पूरे शरीर का विश्लेषण किया गया है। वैसे तो ये संस्कृत का शब्द है,जिसका अर्थ ही होता है “knowledge of the characteristics of the body”. सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक शरीर का हर अंग इंसान
Vastu Tips वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में झूला लगाते समय दिशा का भी ध्यान जरूर रखना चाहिए।
Sawan 2022: राजस्थान के श्रीगंगानगर में रामेश्वरम सेवा समिति शिव मंदिर है। यहां अभी तक 5 करोड़ से ज्यादा बार जाप हो चुका है।