Sun Temple: सूर्य देवता के 7 बड़े मंदिर, जहां हर पल बरसता है भगवान भास्कर का आशीर्वाद

Sun Temple: सूर्य देव का हमारे जीवन में कितना महत्व है, यह बात किसी ग्रंथों में ही नहीं, बल्कि विज्ञान ने भी ये साबित कर दिया है. चूंकि, सूर्य यानी भगवान सूर्य भारत के नौ ग्रहों में से एक हैं, जीवन में इसके महत्व को समझते हुए ही शायद सूर्य मंदिरों का निर्माण हुआ है. वहीं, रोजाना सुबह दर्शन देने वाले सूर्य देव के देशभर में कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिसे देखने के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं. जिसमें ओडिशा के कोणार्क सूर्य मंदिर से लेकर गुजरात के मोढ़ेरा स्थित सूर्य मंदिर में आध्यात्मिक राज छिपे हुए है. आइए आपको बताते है देश के सात प्रमुख सूर्य मंदिर के बारे में.

धार्मिक मान्यता है कि, सूर्य देव की पूजा करने से मान-सम्मान, प्रतिष्ठा बढ़ती है. ऐसा करने से जीवन की असफलताओं को सूर्य देव सफलता का आशीर्वाद देते हैं.

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जानें प्रसिद्ध मंदिरों में होती है सूर्य देव की पूजा?

कोणार्क का सूर्य मंदिर

भगवान सूर्यदेव के फेमस मंदिरों में कोणार्क का नाम सबसे पहले आता है. वहीं, ओडिशा में स्थित कोणार्क के सूर्य मंदिर देशभर में जाना जाता है. माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना भगवान श्री कृष्ण के बेटे साम्ब ने की थी. उसके बाद इस सूर्य मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव ने 13वीं शताब्दी में करवाया था. वहीं, मंदिर अपने विशिष्ट आकार और शिल्पकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है. हालांकि, इस मंदिर की खासियत है कि सूर्योदय की पहली किरण मंदिर के मेन गेट से टकराती है.

औरंगाबाद का देव सूर्य मंदिर

बिहार के औरंगाबाद जिले में भगवान सूर्यदेव का एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जिसके द्वार पूर्व की बजाय पश्चिम की ओर है. जहां पर सात रथों पर सवार भगवान सूर्यदेव के तीन स्वरूप के दर्शन होते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस सूर्य मंदिर का गेट एक रात में अपने आप दूसरी दिशा की ओर बदल गया था.

मोढेरा का सूर्य मंदिर

वहीं, गुजरात में स्थित मोढेरा सूर्य मंदिर अपनी स्थापत्य कला का बेजोड़ उदाहरण है. जिसे सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम ने 1026 ई. में बनवाया था. बता दें कि, मोढेरा का सूर्य मंदिर दो हिस्से में बना है, जिसमें पहला हिस्सा गर्भगृह का और दूसरा सभामंडप का है. वहीं, मंदिर का निर्माण ऐसा किया गया है कि सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में पड़ती हैं.

कश्मीरकामार्तंड मंदिर

देशभर में प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों में कश्मीर में स्थित मार्तंड मंदिर काफी जाना जाने वाला मंदिर है. यह मंदिर कश्मीर के दक्षिणी भाग में अनंतनाग से पहलगाम के रास्ते में मार्तण्ड नामक जगह पर स्थित है. धार्मिक मान्यता है कि, इस मंदिर को आठवीं सदी में कारकोटा वंश के राजा ललितादित्य ने इसका निर्माण करवाया था.

आंध्र प्रदेश का सूर्यनारायण मंदिर

आंध्रप्रदेश के अरसावल्ली गांव से करीब 1 किमी पूर्व दिशा में भगवान सूर्य का लगभग 1300 साल पुराना भव्य मंदिर है. यहां पर भगवान सूर्य नारायण अपनी पत्नियों उषा और छाया के साथ पूजे जाते हैं. इस मंदिर की खासियत है कि यहां साल में दो बार सीधे मूर्ति पर सूर्य की पहली किरण पड़ती है. कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान सूर्यदेव के दर्शन मात्र से सुख और सौभाग्य मिलता है.

बेलाउर सूर्य मंदिर, बिहार

बिहार के भोजपुर जिले के बेलाउर गांव के पश्चिमी एवं दक्षिणी छोर पर स्थित बेलाउर सूर्य मंदिर काफी पुराना है, जिसे राजा द्वारा बनवाए 52 पोखरों में से एक पोखर के बीच में यह सूर्य मंदिर बना हुआ है. कहा जाता है कि सच्चे मन से इस जगह पर छठ व्रत करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
झालरापाटन सूर्य मंदिर
राजस्थान के झालावाड़ का दूसरा जुड़वा शहर झालरापाटन को सिटी ऑफ वेल्स यानी घाटियों का शहर भी कहा जाता है. जहां शहर के बीचों बीच स्थित सूर्य मंदिर झालरापाटन का दर्शनीय स्थल है. वहीं, इस इसका निर्माण दसवीं शताब्दी में मालवा के परमार वंशीय राजाओं ने करवाया था. इस मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की प्रतिमा विराजमान है.

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