Aarti

  • भगवान् विष्णु की आरती

    ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ जो ध्यावे फल पावे,दुःख बिनसे मन का,स्वामी दुःख बिनसे मन का ।सुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन का ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ मात पिता तुम मेरे,शरण गहूं किसकी,स्वामी शरण…

  • श्री कृष्ण जी की आरती

    आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला,बजावै मुरली मधुर बाला ।श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला ।गगन सम अंग कांति काली,राधिका चमक रही आली ।लतन में ठाढ़े बनमालीभ्रमर सी अलक,कस्तूरी तिलक,चंद्र सी झलक,ललित छवि श्यामा प्यारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥॥…

  • श्री हनुमान जी की आरती

    || ॐ हं हनुमते नमः || आरती कीजै हनुमान लला की,दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।जाके बल से गिरिवर कांपे,रोग दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महाबलदायी,संतन के प्रभु सदा सहाई।दे बीरा रघुनाथ पठाए,लंका जारे सिया सुध लाए। लंका सो कोट समुद्र सी खाई,जात पवनसुत बार न लाई।लंका जारे असुर संहारे,सियारामजी के काज संवारे। लक्ष्मण…

  • श्री गणेश जी की आरती

    जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी।माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा।लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया।बांझन को पुत्र…