Vaishakh Amavasya: वैशाख अमावस्या पर बन रहा ये खास संयोग, भूलकर भी न करें ये गलतियां
Vaishakh Amavasya: हिंदू धर्म में पूर्णिमा की तरह अमावस्या का भी बड़ा महत्व होता है. अमावस्या को लेकर कई सारी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. माना जाता है कि अमावस्या पितरों का प्रसन्न करने वाला दिन होता है. यही कारण है कि अमावस्या वाले दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि किए जाते हैं. वहीं, बैसाख माह की अमावस्या बेहद खास मानी जाती है. इस बार की वैशाख अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लगेगा. आइए जानते हैं कि वैशाख अमावस्या की तिथी और उपाय के बारे में…
कब है वैशाख अमावस्या
इस बार वैसाख अमावस्या गुरूवार 20 अप्रैल, 2023 को आ रही है. इसी दिन सूर्य ग्रहण भी होगा. वैशाख अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि और प्रीति योग भी बन रहे हैं. साथ ही, इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी. हालांकि, आपको ये भी बता दें कि सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए सूतक का प्रभाव भी नहीं होगा. वैशाख अमावस्या पर सत्तू खाने का भी महत्व है.
न करें ये गलतियां
वैशाख अमावस्या पर किसी तरह के मांगलिक कार्य और खरीददारी नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही, इस दिन कोई नया कान न शुरू करें. चूंकि इसी दिन शनि जयंति भी पड़ रही तो अमावस्या वाले दिनउड़द या इससे बनी कोई भी चीज न खाएं, ऐसा करने पर शनि की पूजा निष्फल हो जाती है.
करें ये उपाय
वैशाख अमावस्या पर स्नान के जल में तिल डालकर स्नान करने से शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है. इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, पिंडदान तथा तर्पण करना चाहिए. इससे घर तथा जन्मकुंडली में मौजूद पितृदोष समाप्त होता है. इतना ही नहीं, अगर किसी की जन्मकुंडली में कालसर्प दोष हो तो उसे दूर करने के लिए इस दिन भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. इसके लिए शिवलिंग का अभिषेक करें एवं भगवान शिव केमंत्रों का जाप करें. इस दिनसुबह जल्दी पीपल तथा बरगद के वृक्ष में जल चढ़ाएं. सायंकाल वहां पर देसी घी का दीपक जलाएं. शनि के अशुभ प्रभावों में कमी आएगी.
