Vastu Tips: तिराहे पर बने घर कितने शुभ या अशुभ? क्या कहता है वास्तु का नियम

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत ही खास प्रभाव होता है. वास्तु के अनुसार सही दिशा में चीजें होने पर सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है. वास्तु के अनुसार सही स्थान और सही दिशा में मकान बनवाने पर घर में धन-दौलत और समृद्धि आती है. कई जगहों पर कुछ ऐसे घर होते हैं जो तिराहे या फिर चौराहे पर बने हुए होते हैं. वास्तु में इन स्थानों पर बने घर को शुभ नहीं माना जाता है. यहां पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश बड़ी ही आसानी के साथ हो जाता है. ऐसी मान्यता है कि इन स्थानों पर रहने वाले लोगों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करने की संभावना सबसे ज्यादा होती है.

दरअसल जो मकान तिराहे या फिर चौराहे पर बने हुए होते हैं वहां पर सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. तिराहे और चौराहे पर लगातार लोगों का आना-जाना सबसे ज्यादा रहता है ऐसे में इन स्थानों पर सबसे ज्यादा ऊर्जा का प्रभाव होता है. हालांकि तिराहे पर मौजूद घर पर सकारात्मक और नकारात्मक का प्रभाव घर की दिशा पर निर्भर करता है. आइए जानते हैं तिराहे पर अलग-अलग दिशाओं में बने घरों वास्तु शास्त्र के अनुसार क्या होता है.

पूर्व दिशा

जिन लोगों का घर पूर्व दिशा में होता है और वह टी-प्वाइंट पर मौजूद होता है उसे अशुभ नहीं माना जाता है. इस स्थान पर घर होने पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हमेशा बना रहता है.

पश्चिम दिशा

अगर आपका मकान पश्चिम दिशा के तिराहे पर मौजूद है तो इसमें वास्तु दोष होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है. इसे अच्छा नहीं माना जाता है.

उत्तर दिशा

जिन लोगों का मकान उत्तर दिशा के तिराहे पर होता है उस अशुभ नहीं माना जाता है. वास्तु के अनुसार ऐसे स्थान पर बना घर वहां पर रहने वाले लोगों के जीवन में खूब उन्नति आती है.

दक्षिण दिशा

अगर किसी व्यक्ति का मकान दक्षिण दिशा में और वह टी प्वांइट पर है तो इसे अच्छा नहीं माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार इस तरह घर में रहने वालों को तरह-तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है.

ईशान दिशा

उत्तर-पूर्व की दिशा को ईशान की दिशा मानी जाती है. यह दिशा बहुत ही शुभ मानी जाती है. अगर आपका घर इस दिशा में है और वह टी प्वाइंट मौजूद है तो यह हर लिहाज से शुभ है. ऐसे स्थान पर बने घर में हर समय सुख-समृद्धि रहती है.

आग्नेय दिशा

पूर्व-दक्षिण की दिशा को आग्रेय दिशा माना जाता है. इस दिशा में मौजूद घर के सामने टी पॉइंट होना अच्छा नहीं माना जाता है.

नैऋत्य दिशा

दक्षिण-पश्चिम कोण को नैऋत्य दिशा माना जाता है और इस दिशा में बने घर के सामने टी पॉइंट होने पर घर में रहने वाले सदस्य अक्सर बीमार रहते हैं.

वायव्य

उत्तर-पश्चिम कोण को वायव्य दिशा कहते हैं. इस दिशा में बने घर के सामने तिराहा होना अशुभ होता है. यहां पर सबसे ज्यादा और जल्दी से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है और धन की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

उपाय

तिराहे पर बने घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए कुछ उपाय करने होते हैं. आप घर के सामने मुख्य द्वार की दीवार पर सामने की तरफ से एक अष्टकोण वाला दर्पण लगा लें. ऐसे में जब भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करेगी वह दर्पण से टकराकर वापस लौट जाएगी. घर के मुख्य दरवाजे के सामने विंड चाइम्स, भगवान गणेश की मूर्ति, तुलसी और अशोक का पौधा लगा सकते हैं.

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