केवल दशहरा के दिन खुलता है कंकाली मंदिर, यहां रखे हैं प्राचीन शस्त्र, जानें कहां है यह मंदिर और क्‍या है यहां का इतिहास

700 वर्ष पूर्व नागा साधुओं ने श्मशान घाट में देवी की पूजा की, जिससे देवी का नाम मां कंकाली पड़ा। यह शहर का दूसरा ऐतिहासिक देवी मंदिर है, जिसका निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ। मठ में स्थापित प्रतिमा को 400 वर्ष पहले तालाब के ऊपर बने टीले पर स्थानांतरित किया गया था। मठ में प्राचीन शस्त्र रखे हैं, जिन्हें दशहरा के दिन पूजा के लिए निकाला जाता है।

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