ग्रहों के राजा कर रहे शनि की राशि में प्रवेश, जानें कैसा होगा 12 राशियों पर असर!

सूर्य का मकर राशि में गोचर:वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा जाता है इसलिए सभी ग्रहों में इनका महत्व सबसे अधिक है। सूर्य देव के बिना घरती पर जीवन की कल्पना करना भी असंभव है इसलिए इन्हें “जगत की आत्मा” माना गया है। ऐसे में, जब भी सूर्य की स्थिति या दशा में परिवर्तन होता है या फिर ये अपनी राशि परिवर्तन करते हैं तो इसका प्रभाव समस्त संसार पर पड़ता है और अब साल 2023 में जल्द ही सूर्य ग्रह मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं। 

एस्ट्रोसेज का यह विशेष ब्लॉग आपको सूर्य का मकर राशि में गोचर से जुड़ीं जानकारी प्रदान करेगा जैसे ये गोचर कब और किस समय होगा? इस गोचर का प्रभाव राशिचक्र की 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा आदि। तो आइये बिना देर किये जानते हैं सूर्य गोचर के बारे में। 

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सूर्य का मकर राशि में गोचर: तिथि और समय 

हम सभी जानते हैं कि सूर्य महाराज को 12 राशियों का चक्र पूरा करने में एक वर्ष का समय लगता है और जब भी सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है। इस प्रकार, सूर्य देव के राशि परिवर्तन का समय दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है और अब मकर संक्रांति के दिन यानी 14 जनवरी 2023 को रात 08 बजकर 22 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं जो शनि देव की राशि है। ज्योतिष में सूर्य को भगवान शनि का पिता माना गया है और ऐसे में, ये संक्रांति वर्षभर में आने वाली समस्त संक्रांतियों में से सबसे महत्वपूर्ण है। इस गोचर के साथ ही हमें पिता-पुत्र का मिलन देखने को मिलेगा क्योंकि शनि पहले से मकर राशि में मौजूद है। 

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सूर्य का ज्योतिष में महत्व 

सूर्य को ज्योतिष शास्त्र में पिता, राजपद और उच्च अधिकार का कारक माना गया है जो सिंह राशि के अधिपति हैं।  मेष राशि में इनका उदय होता है जबकि तुला राशि में ये अस्त होते हैं। हालांकि, प्रत्येक ग्रह के अपने विशेष गुण और विशेषताएं होती हैं और इनके ही आधार पर व्यक्ति की कुंडली में उस ग्रह का विश्लेषण किया जाता है। 

यदि कोई व्यक्ति मान-सम्मान, यश, प्रसिद्धि, कीर्ति, आरोग्यता आदि पाना चाहता है तो इसके लिए सूर्य पूजा फलदायी साबित होती है। वहीं, पिता और पति के साथ बनते-बिगड़ते रिश्तों के लिए भी सूर्य जिम्मेदार होता है और अगर कोई मनुष्य अच्छी नौकरी, तरक्की या प्रमोशन की चाह रखता है तो ये भी कुंडली में मज़बूत सूर्य के प्रभाव से ही संभव होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूर्य कभी भी अन्य ग्रहों की भांति वक्री नहीं होते हैं और ये हमारे जीवन को अपनी रोशनी से प्रकाशित करते हैं।  

ज्योतिष में सूर्य का महत्व जानने के बाद अब बात करते हैं कुंडली में इनकी स्थिति कैसे प्रभावित करती है व्यक्ति के जीवन को? किसी मनुष्य के जीवन पर सूर्य का प्रभाव अच्छा या बुरा होगा ये पूरी तरह से सूर्य की स्थिति पर निर्भर करता है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य शुभ स्थिति में होता हैं वह इंसान अपने जीवन में बुलंदियां हासिल करता हैं और समाज में मान-सम्मान प्राप्त करता है। साथ ही, इनके संबंध अपने पिता के साथ अच्छे होते हैं। इसके विपरीत, जिन जातकों की कुंडली में सूर्य अशुभ या कमज़ोर होता है वे लोग ईर्ष्यालु, महत्वाकांक्षी, अहंकारी और हमेशा अपनी तारीफ सुनना पसंद करते हैं। 

कैसे करें पहचान कुंडली में कमज़ोर सूर्य की?

जातक को मान-सम्मान की प्राप्ति नहीं होती है। सरकारी नौकरी की राह में अड़चनें आती हैं। पिता का साथ नहीं मिलता है। अपमान का सामना करना पड़ता है। हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं।

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें।

सूर्य का मकर राशि में गोचर: राशि अनुसार राशिफल और उपाय

मेष राशि

सूर्य मेष राशि के जातकों के पांचवें भाव के स्वामी हैं और यह इस दौरान आपके दसवें भाव यानी कि करियर और प्रसिद्धि….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि

सूर्य वृषभ राशि के जातकों के चौथे भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के दौरान यह आपके नौवें भाव यानी कि….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

सूर्य मिथुन राशि के तीसरे भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के दौरान यह आपके आठवें भाव….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

सूर्य कर्क राशि के दूसरे भाव के स्वामी हैं और इस अवधि में यह आपके सातवें भाव यानी कि विवाह….(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के लग्न भाव के स्वामी हैं और मकर संक्रांति 2023 के दिन यह आपके छठे भाव यानी कि शत्रु, स्वास्थ्य….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

सूर्य कन्या राशि के बारहवें भाव के स्वामी हैं और मकर राशि में गोचर के दौरान यह आपके पांचवें भाव यानी कि शिक्षा, प्रेम और संतान….(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

सूर्य तुला राशि के जातकों के लिए ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और मकर राशि में गोचर करते हुए यह आपके….(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक राशि

सूर्य वृश्चिक राशि के दसवें भाव के स्वामी हैं और इस अवधि में यह आपके तीसरे भाव यानी कि पराक्रम, भाई-बहन और छोटी….(विस्तार से पढ़ें)

धनु राशि

सूर्य धनु राशि के जातकों के नौवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके दूसरे भाव यानी परिवार, बचत और वाणी के भाव में गोचर करेंगे। इस….(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

सूर्य आपके आठवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके लग्न यानी कि पहले भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान आप ऊर्जावान…(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

सूर्य आपके सातवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके बारहवें भाव यानी कि विदेशी भूमि, पृथक्करण, अस्पतालों और एमएनसी…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

सूर्य आपके छठे भाव के स्वामी हैं और इस अवधि में यह आपके ग्यारहवें भाव यानी कि आर्थिक लाभ, इच्छा, बड़े भाई-बहन…(विस्तार से पढ़ें)

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

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