जन्मकुडंली में सन्त बनने का ज्योतिषीय विश्लेषण, कौन से ग्रह होते हैं जिम्‍मेदार

कुछ जातक ऐसे भी होते हैं जिनके मन में बचपन से ही वैराग्य की भावना वास करती है। इसके कारण वे ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं और आजीवन ब्रह्मचारी रहते हुए सन्त कहलाते है।सन्त बनने के लिए कुंडली के ग्रह, भाव और परिस्थितिया उत्तरदायी होती है।

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