पाप उस छेद के समान है जो पूरे जहाज को डुबाे देता है, पढ़ें इससे जुड़ी 5 बड़ी बातें
भूलवश पाप होना मानव स्वभाव है लेकिन उसमें डूबे रहना शैतान का स्वभाव है, उस पर दुखी होना संत का कौर उससे मुक्त होना ईश्वर का स्वभाव होता है. पढ़ें पाप से जुड़ी पांच बड़ी बातें.
