पितृपक्ष 10 से 25 सितंबर तक, तर्पण से पितरों को मिलती है शांति, नोट करें श्राद्ध कर्म की तिथियां
अगर विधि विधान से मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों का तर्पण पिया पिंडदान ना किया जाए तो उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है।
अगर विधि विधान से मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों का तर्पण पिया पिंडदान ना किया जाए तो उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती है।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ नौकरी में पदोन्नति, धन प्राप्ति और आत्मविश्वास के साथ-साथ समस्त कार्यों में सफलता प्रदान करता है।
Falgun Amavasya 2024 अमावस्या तिथि पर गंगा नदी में स्नान नहीं कर पाएं तो किसी भी नदी में स्नान करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
13 July 2022 Love Rashifal आज तमाम कोशिशों के बावजूद तारीख तय नहीं होगी. फोन या चैटिंग से पार्टनर से संबंध बने रहेंगे।
Chaitra Bhutadi Amavasya 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्णपक्ष की तिथि को साल की आखिरी अमावस्या के रूप में जाना जाता है. इस साल चैत्र मास की अमावस्या 21 मार्च को पड़ेगी. पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्णपक्ष की पंद्रहवीं तिथि 21 मार्च 2023 को पूर्वाह्न 01:47 बजे से लेकर रात्रि…
आज कई शुभ और अशुभ समय है। यहां पढ़े सूर्योदय और चंद्रोदय
ज्योतिषशास्त्र में शुक्र को दैत्यों का गुरु कहा गया है। शुक्र हर 28 से 30 दिन में गोचर करते हैं और गोचर करने के दौरान शुक्र की किसी न किसी ग्रह के साथ युति होती रहती है। अब शुक्र की न्याय के देवता शनि देव के साथ युति होने जा रही है। बता दें कि…