बुध का मेष राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार अब थामेंगे देश की कमान!

बुध का मेष राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज का यह विशेष ब्लॉग आपको बुध का मेष राशि में गोचर के बारे में समस्त जानकारी प्रदान करेगा जैसे तिथि और समय आदि। ग्रहों की स्थिति और चाल में परिवर्तन का प्रभाव हमारे जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ता है। ऐसे में, बुध अब अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं और इसका असर देश-दुनिया पर भी निश्चित रूप से देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहां विज्ञान में बुध सबसे छोटा और तेज़ गति से चलने वाला ग्रह है। वहीं, ज्योतिष में बुध को बुद्धिमान और जिज्ञासु ग्रह माना गया है जो व्यक्ति की बात करने की क्षमता को प्रभावित करने में सक्षम होता है। इसकी स्थिति कुंडली में नकारात्मक होने पर जातक को वाणी और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है।     

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इस ब्लॉग में हम 31 मार्च 2023 को मेष राशि में होने वाले बुध के गोचर के बारे चर्चा करेंगे। साथ ही जानेंगे, बुध गोचर का मनुष्य जीवन समेत विश्व पर कैसा प्रभाव पड़ेगा और किन उपायों को अपनाकर आप बुध के अशुभ प्रभावों से बच सकते हैं।

बुध का मेष राशि में गोचर: तिथि और समय 

ज्योतिष शास्त्र में बुध 28 दिनों के अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं और जो अब 31 मार्च 2023 को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट पर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं बुध का मेष राशि में गोचर संसार को कैसे प्रभावित करेगा।  

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बुध का मेष राशि में गोचर: भारत पर प्रभाव

इस अवधि के दौरान कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भारत में निवेश कर सकती हैं जिससे देश में रोज़गार को बढ़ावा मिलेगा। भारत से काफ़ी संख्या में छात्र इस अवधि में शिक्षा हासिल करने के उद्देश्य से विदेश जाएंगे।बुध गोचर के समय लोगों का झुकाव अध्यात्म की तरफ होगा और ज्यादातर लोग धर्म-कर्म के कार्य करते दिखाएंगे। संभव है कि सरकार बुद्धिमता से फैसले लेने में सक्षम न हो और इसके परिणामस्वरूप, देश के नेता कुछ ऐसे निर्णय ले सकते हैं जिससे उन्हें ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं होने की आशंका है। कुछ देश भारत के लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन हम उसका डटकर सामना करने में सक्षम होंगे।इस दौरान निर्यात से जुड़ा व्यवसाय करने वाले लोगों का बिज़नेस फलता-फूलता दिखेगा। लेकिन इन्हें विदेश से धन प्राप्त होने में थोड़ी देरी हो सकती है। बुध गोचर की अवधि में सट्टे बाजार से संबंध रखने वाले लोगों को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सावधान रहें।     कलाकार, चित्रकार, मूर्तिकार, संगीत निर्देशक आदि के लिए यह समय फलदायी साबित होगा। भारत में बनाए गए म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स विदेश में नाम कमाएंगे और ऐसे में, दुनियाभर में इनकी मांग में वृद्धि देखने को मिल सकती है। भारत में रचनात्मक क्षेत्रों में उछाल आने की संभावना है। 

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बुध गोचर के दौरान इन उपायों को जरूर आज़माएं  

बुध यंत्र की स्थापना करें और उसका पूजन करें। छोटे बच्चों का आशीर्वाद लें। बुध ग्रह के लिए हवन करें। गाय को हरा चारा खिलाएं। ट्रांसजेंडर समुदाय को दान करें। 

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