ब्राह्मण कुल में जन्म फिर भी क्यों कहलाया ‘असुर राज’? जानें रावण के राक्षस बनने और कुबेर से लंका छीनने की अनसुनी कहानी
रावण के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा विरोधाभास उसका जन्म है। वह कोई साधारण बालक नहीं था, बल्कि दो विपरीत विचारधाराओं का संगम था। उसके पिता महर्षि विश्रवा एक अत्यंत विद्वान ब्राह्मण और ऋषि पुलस्त्य के पुत्र थे। वहीं उसकी माता कैकसी एक असुर राजकुमारी थी।
