ये हैं भगवान शिव के वे दो अवतार, जो आज भी हैं जीवित, जानें कहां हैं?
भगवान शिव ने दुष्ट असुरों का संहार करने के लिए समय-समय पर कई अवतार लिए हैं। कुछ अवतार भोलेनाथ ने देवताओं का अभिमान तोड़ने के लिए भी लिए हैं।
भगवान शिव ने दुष्ट असुरों का संहार करने के लिए समय-समय पर कई अवतार लिए हैं। कुछ अवतार भोलेनाथ ने देवताओं का अभिमान तोड़ने के लिए भी लिए हैं।
Chandra Grahan 2025: ज्योतिषाचार्य व वास्तुविद् पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को तो वहीं सूर्य ग्रहण अमावस्या को ही लगता है। चंद्र ग्रहण हिंदू धर्म की अशुभ अवधि माना जाता है, जिसमें शुभ-मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। साथ ही इस समय सभी तरह की यात्राएं करना भी वर्जित होता…
03अक्टूबर का राशिफल: जानिये क्या कहती है आपकी राशि | Aaj Ka Rashifal | 03 October Horoscope
Rahu Grah Upay: कुंडली के 1, 4, 7 या 10वें भाव में राहु है तो गोमेद धारण करना चाहुए। वहीं राहु राशि के छठवें और आठवें भाव या लग्र में स्थित है तो गोमेद धारण करने से लाभ होता है।
शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri Kanya Pujan Bhog) में अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन का विधान है। कन्या पूजन में कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है और उनका आदर किया जाता है। वहीं इस दिव्य अनुष्ठान को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं तो आइए उन्हें जानते हैं।
कोई व्यक्ति शराब या किसी भी प्रकार का नशा तब करता है जब उसकी कुंडली में चंद्रमा राहु के साथ आर्द्रा, स्वाति अथवा शतभिषा नक्षत्र में होता है। वहीं, राहु की कुछ स्थितियां भी व्यक्ति को नशे का आदी बनाती हैं।
खरमास हिन्दू पंचांग का एक अशुभ महीना होता है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद शुरू होता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और नया काम वर्जित होते हैं। हालांकि, यह समय पूजा-पाठ और दान करने के लिए उपयुक्त माना जाता है, जो धर्म और आत्मा के कल्याण के लिए लाभकारी…