शनि जयंती
शनि देव की कृपा प्राप्ति के लिए शनि जयंती सर्वोत्तम दिन होता है।
शनि देव की कृपा प्राप्ति के लिए शनि जयंती सर्वोत्तम दिन होता है।
वैदिक ज्योतिष के मुताबिक जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है, तो इसका असर मानव जीवन पर पड़ता है।
शश महापुरुष योग 2023: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है और इन्हें कर्मफल दाता भी कहा गया है। ऐसे में, शनि महाराज की चाल और स्थिति में परिवर्तन का लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अब शनि जनवरी 2023 से स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं और साल…
चार सर्वार्थसिद्धि तथा एक अमृत सिद्धि योग बनेंगे। इनकी साक्षी में नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ व भूमि, भवन की खरीदी करना विशेष शुभ है।
राहु का नक्षत्र में गोचर: ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना गया है, जो हमेशा वक्री गति से चलते हैं और हर डेढ़ साल में राशि परिवर्तन करते हैं। राहु का नक्षत्र परिवर्तन बेहद दुर्लभ और खास माना जाता है क्योंकि यह लंबे समय बाद होता है और इसका असर गहरा पड़ता है।…
चंद्रमा-बुध के समन्वय के कारण व्यक्ति दुनिया को बदल डालने के लिए उत्सुक रहता है और दुनिया को नया रूप देना चाहता है।
Raksha Bandhan 2022: उदया तिथि यानी 12 अगस्त को सुबह 7.25 बजे तक राखी बांधना ज्यादा शुभ और फलदायक है।