सूर्य और शुक्र की अनोखी युति का अर्थ, जानें इन ग्रहों के साथ आने से होगा फायदा या उठाना पड़ेगा नुकसान!

अगस्त के महीने में सिंह राशि में सूर्य और बुध हाल ही में एक साथ आए थे। सूर्य और बुध जब साथ आते हैं तो उससे बुध आदित्य योग का निर्माण होता है। इस बुधादित्य योग से कई राशियों को शुभ फलों की प्राप्ति भी हुई थी। अब जैसे ही यह युति समाप्त हुई है तो इसके ठीक बाद सिंह राशि में सूर्य और शुक्र ग्रह की अनोखी युति होने जा रही है। ऐसे में अपने इस विशेष ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि यह अनोखी युति कब होने जा रही है? इसका क्या प्रभाव होता है और इससे क्या कुछ परिणाम व्यक्ति को हासिल होते हैं।

सबसे पहले बात करें अगर समय की तो, सूर्य ग्रह जो कि 17 अगस्त से सिंह राशि में विराजमान है वो 31 अगस्त को शुक्र के सिंह राशि में गोचर के बाद शुक्र के साथ मिलकर अति दुर्लभ युति का निर्माण करने जा रहे हैं।

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सूर्य-शुक्र की युति: अनुकूल या प्रतिकूल?

यहां दिलचस्प बात यह है कि यूं तो ज्योतिष में सूर्य और शुक्र दोनों को ही शुभ ग्रह माना जाता है लेकिन इन दोनों ही ग्रहों का मिलना शुभ नहीं होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सूर्य के करीब जब शुक्र ग्रह आता है तो वो अस्त हो जाता है और अपने शुभ प्रभाव खोने लगता है। इसके अलावा यहां जाने वाली बात यह भी है कि शुक्र ग्रह के लिए सिंह राशि अर्थात जिस राशि में यह युति हो रही है वह शत्रु के समान मानी गई है। ऐसे में यह अवधि ज्यादा अनुकूल नहीं मानी जा सकती है।

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सूर्य और शुक्र की युति कितनी खास?

सूर्य को अग्नि तत्व का ग्रह माना गया है जबकि शुक्र की बात करें तो वह जल तत्व का ग्रह है। इसके साथ ही यह युति सिंह राशि में होने जा रही है। जहां सिंह सूर्य की स्व राशि है वही सिंह शुक्र के लिए शत्रु समान है। ऐसे में स्वाभाविक है कि इस अनोखी युति का मिश्रित परिणाम देखने को मिलेगा।

इसके अलावा यहां यह भी जानने वाली बात है कि शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह का दर्जा दिया गया है और सूर्य के साथ आने पर यह अस्त हो जाता है और शुभ ग्रह का अस्त होना भी अशुभ माना गया है। ऐसे में आइये जानते हैं देश और जातकों पर इस युति का क्या परिणाम देखने को मिलेगा।

सूर्य और शुक्र युति का परिणाम

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि ज्योतिष में इन दोनों ही ग्रहों को अलग-अलग शुभ ग्रहों का दर्जा प्राप्त है। जहां सूर्य को एक तरफ आत्मा, मान सम्मान, सत्ता, अधिकार, इत्यादि का कारक माना जाता है वहीं शुक्र ग्रह भौतिक सुख, संपत्ति, सुंदरता, का कारक माना गया है। ऐसे में देखा जाए तो यह दोनों ही ग्रह वैभव के कारक माने जाते हैं लेकिन क्योंकि सूर्य के करीब जब भी कोई ग्रह आता है तो वह अस्त हो जाता है ऐसे में सूर्य और शुक्र की युति बहुत ज्यादा लाभदायक नहीं कही जाती है।

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पहले भाव में सूर्य शुक्र की युति का प्रभाव

सूर्य शुक्र की युति यदि प्रथम भाव में हो तो ऐसे व्यक्तियों का ज्ञान और रचनात्मकता बढ़ती है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि सही दिशा में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए विशेष तौर पर अपने गुरुओं और पिता की बात सुनें और उसका पालन करें। इसके अलावा लग्न भाव में यह युति व्यक्ति के व्यवहार और चरित्र के बारे में भी जानकारी देती है। नकारात्मक पक्ष की बात करें तो सूर्य और शुक्र की युति का नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। जीवन साथी के साथ अनबन होने लगती है इत्यादि।

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सूर्य शुक्र युति का जातकों और देश पर प्रभाव

अक्सर देखा गया है कि जब सूर्य और शुक्र की युति होती है तो इससे लोगों का आत्मविश्वास कम हो जाता है। कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां उठानी पड़ती है। इसके अलावा सूर्य और शुक्र की युति से दांपत्य जीवन काफी हद तक प्रभावित भी होता है। साथ ही अक्सर देखा गया है कि जो लोग विवाह की उम्र में है उनकी शादी में भी देरी हो सकती है। शुक्र और सूर्य की युति का नकारात्मक प्रभाव शेयर बाजार में भी देखने को मिलता है और इस दौरान शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की स्थिति देखी जा सकती है। सूर्य शुक्र की युति के प्रभाव स्वरूप इलेक्ट्रॉनिक चीजों के शेयर में स्थिरता देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही इस अवधि के दौरान व्यापारियों को निवेश से बचने की सलाह दी जाती है। शुक्र और सूर्य ग्रहों की युति पारिवारिक क्लेश में वजह बनती है। इस अवधि में महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य शुक्र युति से अधिक सावधान रहें ये राशियां

मकर राशि: सिंह राशि में सूर्य और शुक्र की युति मकर राशि के जातकों के लिए कुछ खास अनुकूल नहीं रहने वाली है। इस दौरान आपको स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां होने की प्रबल आशंका बन रही है। नौकरी पेशा जातकों को कार्यस्थल पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा आर्थिक रूप से भी परेशानियां आपके जीवन में इस समय अवधि में दस्तक दे सकती है।

इस राशि के शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े जातक थोड़ा भटका हुआ महसूस कर सकते हैं। साथ ही आपके जीवन में कुछ घटनाएं होने की आशंका है और आप मानसिक रूप से भी बेचैन रहने वाले हैं। ऐसे में आपको इस युति की अवधि के दौरान विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।

मीन राशि: इसके अलावा सूर्य और शुक्र की युति मीन राशि के जातकों के लिए भी ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाली है। इस दौरान विशेष रूप से आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। अन्यथा आप को पेट से जुड़ी या आंखों से जुड़ी कोई गंभीर समस्या परेशान कर सकती है।

विवाहित जातकों को अपने रिश्ते में धोखा देने से बचना है। अन्यथा आपके जीवन में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। इस अवधि में आपके खर्चे भी ज्यादा होने वाले हैं और आपको नौकरी में भी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में भी आपके मनमुताफिक लाभ नहीं हासिल होगा जिसकी वजह से आपके जीवन में कुछ मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

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सूर्य शुक्र की युति के उपाय

मां दुर्गा की पूजा करें। विशेष तौर पर औरतों की इज्जत करें और उन्हें कभी भी किसी तरह का दुख ना दें। प्रतिदिन स्नान करने के बाद सूर्य देवता को अर्घ्य दें। अपने पिता का सम्मान करें और उनके साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने के लिए प्रयास करें। शुक्र ग्रह को बलवान करने के लिए गाय को रोजाना ताज़ी रोटी खिलाएं।

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

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