कुंभ राशि में बुध अस्त (18 मार्च, 2022): सभी बारह राशियाँ अहम और बड़े परिवर्तन के लिए हो जायें तैयार

बुध ग्रह को देवताओं का दूत माना जाता है और यह सभी 12 राशियों में से 2 राशियों यानी मिथुन राशि और कन्या राशि का शासक स्वामी भी है। बुध ग्रह अन्य सभी ग्रहों के मुकाबले सबसे तेज गति से चलने वाला और सबसे फुर्तीला ग्रह माना जाता है। यह केवल 88 दिनों में सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेने वाला सबसे तेज ग्रह भी माना गया है।

ज्योतिष में बुध ग्रह को तीसरे घर का शासक भी कहा जाता है और यह व्यक्ति के दिन प्रतिदिन के संबंधों और भावों को नियंत्रित करता है। बुध ग्रह मानसिकता, संचार, तर्कसंगतता, तर्क, सोच पैटर्न, परिवर्तनशीलता और अनुकूलन क्षमता के सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता है। यह शिक्षा और स्कूली शिक्षा, भाई-बहन और चचेरे भाई, छोटी दूरी और परिवहन, संदेश और संचार के अन्य रूपों जैसे ईमेल, टेलीफोन, पोस्ट, पत्र आदि को भी नियंत्रित करता है।

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सप्ताह में बुधवार का दिन बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है और रंगों की बात करें तो बुध ग्रह का संबंध हरे रंग से जुड़ा होता है। बुध ग्रह दोहरे स्वभाव का ग्रह है। जहां राहु ग्रह, सूर्य ग्रह, और शुक्र के साथ इसके मित्रवत संबंध हैं वहीं चंद्रमा के साथ इसके शत्रुता वाले संबंध माने जाते हैं। इसके अलावा बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च का होता है और मीन राशि में से नीच का माना गया है। 

कुंडली में बुध ग्रह यदि अनुकूल स्थिति में मौजूद है तो उसे व्यक्ति चतुर, व्यवसायिक दिमाग वाला, गणितीय कौशल, और ज्ञान का धनी होता है। इसके विपरीत यदि बुध ग्रह कुंडली में प्रतिकूल स्थिति में है तो इससे व्यक्ति को भाषण संबंधित समस्याओं, समझने की खराब शक्ति, जीवन में नीरसता, और संचार समस्या आदि का सामना करना पड़ता है।

बुध कुम्भ में अस्त: जानें इसका अर्थ और समय

बुध ग्रह जब सूर्य के दोनों तरफ से 14 डिग्री के भीतर आगे की गति में होता है तो इसे अस्त कहते हैं। कुंभ राशि में बुध 18 मार्च, 2022 को 16:06 पर अस्त हो जाएगा। इसके बाद 8 अप्रैल, 2022 को बुध वापस अपनी सामान्य अवस्था में आ जाएगा। 

स्वभाविक सी बात है बुध के इस अस्त होने का सभी 12 राशियों के जातकों पर अवश्य अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा। तो आइये आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं बुध अस्त का सभी 12 राशियों पर क्या कुछ प्रभाव पड़ेगा और इससे बचने के लिए क्या कुछ उपाय किए जा सकते हैं।

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बुध अस्त राशि अनुसार प्रभाव और उपाय

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव का स्वामी है और यह उनके ग्यारहवें भाव में अस्त होगा। करियर के लिहाज से देखें तो इस दौरान….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल) 

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी है और यह उनके दसवें भाव में अस्त होगा। पेशेवर रूप से देखा जाए तो….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम/लग्न और चौथे भाव का स्वामी है और यह उनके नौवें भाव में अस्त होगा। इस दौरान आप….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और बारहवें भाव का स्वामी है और यह उनके आठवें भाव में अस्त होगा। इसके कारण आपको….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है और यह उनके सातवें भाव में अस्त होगा। पेशेवर रूप से इस दौरान….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम/लग्न और दसवें भाव का स्वामी है और यह उनके छठे भाव में अस्त होगा। पेशेवर रूप देखा जाए तो….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

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तुला राशि 

तुला राशि के जातकों के लिए बुध नौवें और बारहवें भाव का स्वामी है और यह उनके पांचवें भाव में अस्त होगा। इसके कारण आपका ….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आठवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी है और यह उनके चौथे भाव में अस्त होगा। पेशेवर रूप से देखा जाए तो….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव का स्वामी है और यह उनके तीसरे भाव में अस्त होगा। पेशेवर रूप से देखा जाए तो….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

मकर राशि 

मकर राशि के जातकों के लिए बुध छठे और नौवें भाव का स्वामी है और यह उनके दूसरे भाव में अस्त होगा। इसके कारण आपको….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

कुम्भ राशि 

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें और आठवें भाव का स्वामी है और यह आपके प्रथम/लग्न भाव में अस्त होगा। इसके कारण आपका….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

मीन राशि 

मीन राशि के जातकों के लिए बुध चौथे और सातवें भाव का स्वामी है और यह उनके बारहवें भाव में अस्त होगा। पेशेवर रूप से देखा जाए तो ….(विस्तार से पढ़ें गोचरफ़ल)

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