आषाढ़ मास में रखें योगिनी एकादशी का व्रत, पूजा के दौरान क्या करें क्या ना करें
आषाढ़ मास तीर्थ यात्रा के लिए सबसे शुभ होता है। हिंदी पंचांग के अनुसार पांच जून से आषाढ़ माह की शुरुआत हो गई है।
आषाढ़ मास तीर्थ यात्रा के लिए सबसे शुभ होता है। हिंदी पंचांग के अनुसार पांच जून से आषाढ़ माह की शुरुआत हो गई है।
नवरात्रि का चौथा दिन देवी के कुष्मांडा स्वरूप को समर्पित होता है। देवी कूष्मांडा के नाम का अर्थ निकालें तो कूष्म का अर्थ होता है छोटा अर्थात सूक्ष्म ऊष्मा का अर्थ होता है ऊर्जा और अंडा का मतलब होता है अंडा। माना जाता है की देवी कूष्मांडा की विधिवत रूप से पूजा करने से भक्तों…
देवी वृंदा के श्राप से मुक्त होने पर उस स्थान पर भगवान विष्णु का मंदिर स्थापित हुआ था। यह मुक्तिनाथ मंदिर वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख मंदिरों में से एक है। यह तीर्थस्थान शालिग्राम भगवान के लिए प्रसिद्ध है। पारंपरिक रूप से भगवान विष्णु शालिग्राम पत्थर के रूप में पूजे जाते हैं।
Astro Tips धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से पूजा का फल शीघ्र मिलता है। आइए जानते हैं कि किन देवी-देवताओं को कौन से फूल
Ahoi Ashtami Vrat 2022 अहोई अष्टमी के दिन व्रत रखने वाली महिला को मिट्टी से जुड़े कोई भी कार्य करने से बचना चाहिए और नाही जमीन में खुरपी या फिर अन्य किसी नुकिली चीज का इस्तेमाल करना चाहिए। इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 17 अक्टूबर 2022 को रखा जाएगा।
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Jyotish Upay: घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। इससे आर्थिक स्थिति सुधरने लगती है।