गधे पर बैठने वाला था भक्त… इससे पहले मंदिर से बाहर आ गए भगवान जगन्नाथ, विरोधी को मजा चखाया
जिस तरह भक्त अपने भगवान को पूजते हैं, उसी तरह भगवान भी अपने भक्तों को ध्यान रखते हैं। भगवान अपने भक्तों की प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आने देते और उसे बचाने के लिए किसी भी रूप में प्रकट हो जाते हैं। काशी और जगन्नाथपुरी से जुड़ी एक ऐसी ही पौराणिक कथा आपको बताने जा रहे हैं।
