जानिए गुरुवार के व्रत की क्या है कथा
गुरुवार के दिन को बृहस्पतिवार भी कहा जाता है जो देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा करने का क्या महत्व है। गुरुवार के व्रत में कही जाने वाली कथा का क्या है सार जानिए यहां।
गुरुवार के दिन को बृहस्पतिवार भी कहा जाता है जो देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा करने का क्या महत्व है। गुरुवार के व्रत में कही जाने वाली कथा का क्या है सार जानिए यहां।
भगवान शिव जल्द प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक माने जाते हैं। भगवान शिव की पूजा करने के अनेक तरीके हैं। ऐसे में शिवपुराण में कुछ ऐसे फूलों के बारे में बताया गया है, जिन्हें शिवजी को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सोमवार के दिन ऐसा करना और भी लाभकारी होता…
Aaj Ka Mesh Rashifal: आज का दिन आपके लिए उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है। आपमें कुछ नया करने की तीव्र इच्छा जागेगी। आपके सितारे इस समय आपके पक्ष में हैं, जिससे आपको कई क्षेत्रों में सफलता मिलने की संभावना
रूप चौदस या नरक चतुर्दशी के दिन भगवान वामन और राजा बलि का स्मरण करना चाहिए। साथ ही उनकी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में मां लक्ष्मी का स्थायी रूप में आगमन होता है।
बुध ग्रह को देवताओं का दूत माना जाता है और यह ग्रह अपनी तेज़ी और गति के लिए प्रमुख माना गया है। यह केवल 88 दिनों में सूर्य की परिक्रमा पूरी करने वाला सबसे तेज ग्रह होता है। बुध ग्रह कन्या और मिथुन राशि का शासक स्वामी भी है। यह मानसिकता, संचार, अनुकूलन क्षमता, सोच…
वैदिक ज्योतिष में सभी ग्रह एक निश्चित समयांतराल की अवधि पूरी करने के बाद एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। कई बार एक ही राशि में जब दो से तीन ग्रह एक साथ विराजमान रहते हैं यानी युति करते हैं तो इससे कई शुभ योगों का निर्माण होता है। इस योग…