Chaitra Navratri 2023: कलश और प्रतिमा स्थापना पर रखें दिशा का ध्यान, नहीं तो मां दुर्गा हो जाएंगी नाराज
Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि में देवी की प्रतिमा या कलशा की स्थापना उत्तर-पूर्व दिशा में करनी चाहिए। इस दिशा में देवताओं का वास होता है।
Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि में देवी की प्रतिमा या कलशा की स्थापना उत्तर-पूर्व दिशा में करनी चाहिए। इस दिशा में देवताओं का वास होता है।
कई बार हम ऐसे सपने देखते हैं, जिनका मतलब समझ नहीं पाते। यदि आपको नवरात्र के दौरान सपनों में अशुभ चीजें दिखाई देती हैं, तो ये देवी मां के नाराज होने के संकेत होते हैं।
आज का दिन कई राशियों के लिए लाभकारी है, जबकि कुछ को सावधानी बरतनी होगी। आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव, कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और पारिवारिक सहयोग के योग हैं। संयम, विवेक और मेहनत से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी अर्थात हिंदू धर्म के सबसे लाडले और चंचल भगवान प्रभु श्री कृष्ण को समर्पित एक ऐसा दिन जिसे पूरे भारतवर्ष में बेहद ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी भी कहते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद के महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन कृष्ण जन्माष्टमी…
Hanuman Jayanti 2022: हनुमान जी का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा को हुआ था। इस बार हनुमान जयंती 16 अप्रैल के दिन मनाई जाएगी।
नई दिल्ली, 09 जुलाई। राहु और केतु दो ऐसे ग्रह हैं जो प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड में भले ही दिखाई न देते हों किंतु इनका प्रभाव व्यापक होता है। ये दोनों छाया ग्रह हैं इसीलिए हर समय सभी ग्रहों के साथ
घर में हो रहे पारिवारिक क्लेश से छुटकारा पाने के लिए ये असरदार उपाय जरुर करें। इससे जल्द ही फायदा मिलेगा।