बुध का मीन राशि में गोचर: जानें किन राशियों को मिलेंगे शुभ-अशुभ परिणाम!

बुध ग्रह का मीन राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 07 मार्च 2024 की सुबह 09 बजकर 21 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे और 26 मार्च 2024 तक इसी राशि में रहेंगे। बुध ग्रह को बुद्धि, विद्या, व्यापार, वाणी व तर्क-वितर्क इत्यादि का कारक माना जाता है। इसके अलावा, सूचना प्रसारण, दूरसंचार, वाद-संवाद इत्यादि पर भी बुध ग्रह का ही नियंत्रण माना गया है। अतः बुध का गोचर करके नीच राशि में जाना इन तमाम क्षेत्रों पर प्रभाव डाल सकता है। इस गोचर के चलते इन सभी क्षेत्रों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि बुध के इस राशि परिवर्तन का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा। 

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बुध का मीन राशि में गोचर: 12 राशियों पर प्रभाव और उपाय

मेष राशि 

बुध आपकी कुंडली में तीसरे और छठे भाव के स्वामी होकर आपके द्वादश भाव में जा रहे हैं। द्वादश भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना जाता है। ऊपर से बुध नीच के रहेंगे और ऐसे में, यथासंभव खर्चों को रोकना होगा। भूमि-भवन इत्यादि को लेकर विवादों से बचना होगा। विद्यार्थी लोगों को भी इस अवधि में तुलनात्मक रूप से अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों से सजग रहना भी समझदारी होगी।

उपाय: माथे पर नियमित रूप से केसर का टीका लगाएं। 

वृषभ राशि 

बुध आपकी कुंडली में दूसरे तथा पांचवें भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में ये आपके लाभ भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो लाभ भाव में बुध के गोचर को अच्छा माना जाता है, लेकिन इस अवधि में बुध नीच अवस्था में रहेंगे। अतः लाभ मिलेगा, परंतु आपकी मेहनत के अनुरूप लाभ का प्रतिशत थोड़ा कम रह सकता है, फिर भी हम इसे अच्छा गोचर कहेंगे। व्यापार-व्यवसाय में बढ़ोतरी, भाइयों के साथ बेहतर संबंध तथा संतान इत्यादि को लेकर अनुकूल परिणाम इस गोचर में आपको मिल सकते हैं।

उपाय: गाय को हरा पालक खिलाएं। 

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मिथुन राशि 

बुध आपके लग्न या राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके चौथे भाव के भी स्वामी हैं। वर्तमान में यह आपके दशम भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो दशम भाव में बुध के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। इसके फलस्वरूप, बुध आपके कार्यक्षेत्र और व्यापार-व्यवसाय से संबंधित मामलों में काफ़ी हद तक अनुकूल परिणाम दे सकते हैं। सामाजिक मान-सम्मान के लिए भी बुध का यह गोचर अच्छा कहा गया है, लेकिन इस अवधि में बुध नीच के रहेंगे। अतः इन मामलों को लेकर लापरवाह नहीं होना है। समझदारी से काम करने पर अच्छे परिणाम मिल सकेंगे।

उपाय: मंदिर में दूध और चावल का दान करें। 

कर्क राशि 

बुध आपकी कुंडली में तीसरे तथा द्वादश भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में बुध आपके भाग्य भाव में गोचर कर रहे हैं। भाग्य भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा जाता है और ऊपर से बुध ग्रह नीच के रहेंगे। अतः यात्राओं के दौरान सावधानी बरतनी होगी। टेलीफोन पर बातचीत करते समय सही शब्दों का चुनाव करें। दूर स्थान से जुड़े मामलों में भी सावधानीपूर्वक निर्वाह करना होगा। इस अवधि में भाग्य की बजाय मेहनत पर यकीन करना ज्यादा उचित रहेगा अर्थात आपको बुध के इस गोचर से अनुकूलता की अधिक उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

उपाय: मिट्टी के बर्तन में मशरूम भरकर किसी मंदिर में दान करें। 

सिंह राशि 

बुध आपकी कुंडली में दूसरे तथा लाभ भाव के स्वामी हैं। वर्तमान में यह आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। गोचर शास्त्र के अनुसार, आठवें भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा माना गया है, लेकिन लाभ तथा धन भाव के स्वामी का नीच का हो जाना लाभ के प्रतिशत में कुछ कमी का संकेत कर रहा है। साथ ही, बचत के मामलों में भी अपेक्षाकृत अधिक समझदारी दिखाने की जरूरत रह सकती है। आर्थिक और पारिवारिक मामले में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की स्थिति में आप इन क्षेत्रों में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। व्यापार-व्यवसाय में कोई बहुत बड़ा निवेश या बड़ा जोखिम उठाने से बचें।

उपाय: किन्नरों को हरे कपड़े और हरी चूड़ियां भेंट करें।

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कन्या राशि 

बुध आपकी कुंडली में लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके कर्म भाव के भी स्वामी हैं।  वर्तमान में यह आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं। वैसे भी सप्तम भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है और ऊपर से आपके प्रथम तथा दशम भाव के स्वामी का नीच का होना स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमज़ोर परिणाम दे सकता है। साथ ही, कार्यक्षेत्र या सामाजिक जीवन में अपेक्षाकृत अधिक समझदारी और सावधानी दिखाने की जरूरत रह सकती है अर्थात बुध के इस गोचर से अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

उपाय: नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करें। 

तुला राशि

बुध आपकी कुंडली में भाग्य तथा द्वादश भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। भले ही बुध नीच के हों लेकिन छठे भाव में बुध के गोचर को अच्छा माना जाता है। अतः आपको बुध काफ़ी हद तक अनुकूल परिणाम देना चाहेंगे। इस अवधि में मन अध्यात्म में अधिक लग सकता है। सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ने की स्थिति में अच्छा लाभ मिल सकता है। दूर की यात्राओं में कुछ कठिनाइयां या परेशानियां रह सकती हैं, लेकिन इन यात्राओं से लाभ भी मिल सकता है। बुध का यह गोचर काफ़ी हद तक अनुकूल परिणाम दे सकता है।

उपाय: कन्याओं का पूजन करके उनका आशीर्वाद लें। 

वृश्चिक राशि

बुध आपकी कुंडली में आठवें तथा लाभ भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके पांचवें भाव में गोचर कर रहे हैं। पांचवें भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं कहा गया है। ऊपर से बुध ग्रह नीच के रहेंगे। अतः बुध का यह गोचर कठिनाइयों के बाद लाभ दिला सकेगा। व्यापार-व्यवसाय में इस अवधि में कोई बड़ा निवेश करना उचित नहीं रहेगा। किसी भी मामले में कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें। संतान के साथ संबंधों को मेंटेन करने की कोशिश करनी होगी। विद्यार्थियों को भी अपने सब्जेक्ट्स पर फोकस करने की सलाह दी जाती है।

उपाय: गाय को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा। 

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धनु राशि 

बुध आपकी कुंडली में सातवें तथा दशम भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं। वैसे तो चौथे भाव में बुध के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा कहा गया है लेकिन नीच का होने के कारण भूमि-भवन, वाहन से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार के लापरवाही उचित नहीं रहेगी, तभी इन मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। घर-परिवार में सुख-सुविधाएं बढ़ाने में आपको अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन सकारात्मक बात यह रहेगी कि इस मामले में किए गए प्रयास सफल हो सकेंगे।

उपाय: चिड़ियों को दाना चुगाना शुभ रहेगा। 

मकर राशि

बुध आपकी कुंडली में छठे तथा भाग्य भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। सामान्य तौर पर तीसरे भाव में बुध का गोचर आपको अच्छे परिणाम देना चाहेगा लेकिन बुध ग्रह नीच का रहेगा। इस कारण से फ़ोन पर विनम्रता से बात करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, महत्वपूर्ण कामों को किसी दूसरे के भरोसे छोड़ना भी उचित नहीं रहेगा अर्थात कुछ सावधानियां बरतने की स्थिति में आपको काफ़ी अच्छे परिणाम मिल सकेंगे।

उपाय: अस्थमा रोगियों को दवा खरीदने में मदद करें। 

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कुंभ राशि

बुध आपकी कुंडली में पांचवें तथा आठवें भाव के स्वामी होकर आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। सामान्य तौर पर दूसरे भाव में बुध के गोचर को अच्छा कहा गया है। लेकिन, नीच अवस्था में होने के कारण अच्छे परिणामों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है, फिर भी बुध आपको काफ़ी हद तक अनुकूल परिणाम ही देना चाहेगा। आपका बेहतरीन संचार कौशल बहुत सारे काम को बनवाने में आपकी मदद करेगा, परंतु अपशब्दों के प्रयोग और बड़बोलेपन से बचना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में भी समझदारी दिखाकर आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। इन जातकों का अच्छा बर्ताव परिजनों के साथ संबंधों को मजबूत करेगा।

उपाय: आप तामसिक वस्तुओं जैसे मांस,मदिरा आदि का त्याग करते हुए शुद्ध और सात्विक बने रहें। 

मीन राशि

बुध आपकी कुंडली में चौथे तथा सातवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान में यह आपके पहले भाव में गोचर कर रहे हैं। पहले भाव में बुध के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है और ऊपर से बुध ग्रह नीच के रहेंगे। अतः इस समय आपको अपनी वाणी को सौम्य बनाए रखना होगा। अप्रिय वाणी और चुगलखोरी से दूर रहना ही समझदारी का काम होगा। आर्थिक मामलों में किसी भी प्रकार का रिस्क न लें। संबंधियों के साथ यथासंभव संबंधों को अच्छा बनाए रखें और किसी का अनादर न करें। साथ ही, इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि जो व्यक्ति आपका अनादर कर सकता है, उससे इस अवधि में दूरी बनाए रखें।

उपाय: नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। 

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