Bhog Ke Niyam: भगवान के सामने इतने समय तक रखना चाहिए भोग, जानिए इससे जुड़े नियम
भोग लगाने के बाद प्रसाद को यथासंभव लोगों में बांट देना चाहिए और स्वयं भी ग्रहण करना चाहिए। इस प्रकार व्यक्ति को सभी लाभ प्राप्त होते हैं।
भोग लगाने के बाद प्रसाद को यथासंभव लोगों में बांट देना चाहिए और स्वयं भी ग्रहण करना चाहिए। इस प्रकार व्यक्ति को सभी लाभ प्राप्त होते हैं।
बीते 10 मार्च को हाल ही में हुए पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों का नतीजा आया था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने पाँच में से चार राज्यों में प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की थी। पाँच राज्यों की इस जीत में 2024 की नींव रखने के लिए सबसे खास उत्तर प्रदेश के चुनाव नतीजों…
शनिवार के दिन नई झाड़ू खरीदना अच्छा शगुन नहीं माना जाता है। क्योंकि इससे व्यक्ति शनि दोष लगता है।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आषाढ़ एकादशी मनाई जाती है। भारत में इसे देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी और पद्मनाभा एकादशी आदि नामों से भी जाना जाता है। पुराणों के अनुसार, यह भगवान विष्णु का शयन काल होता है अर्थात इस दिन से श्रीहरि भगवान विष्णु चार महीनों के…
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है विशेष महत्व
Shani Gochar 2023 शतभिषा नक्षत्र के पहले चरण में शनिदेव 15 मार्च से 17 अक्टूबर तक रहेंगे और इस नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति हैं।
ज्योतिष में ग्रहों के गोचर को विशेष महत्व दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रहों का गोचर हमारे जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। फिर किसी ग्रह का गोचर राशि में हो रहा हो या नक्षत्र में इन दोनों को ही ज्योतिष के जानकार महत्वपूर्ण और आम जनजीवन को प्रभावित करने वाला बताते…